उरई। जीजा के घर रह रहे वृद्ध की तेज रफ्तार डम्पर द्वार कुचले जाने से घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ ने जालौन-औरैया मार्ग जाम कर दिया। भीड़ के तेवर देख कई थानों का फोर्स मौके पर बुला लिया गया। काफी देर समझाने-बुझाने के बाद जाम हट सका।
गोहन थाने के पृथ्वीपुर गांव का निवासी रामकुमार (60वर्ष) काफी समय से किरवाहा में अपने जीजा लक्ष्मीराम के यहां रह रहा था। शुक्रवार को सुबह वह मदारीपुर गया था। जहां सड़क पर पैदल जाते समय औरैया की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे डम्पर यूपी 93 एटी 7589 ने पीछे से उसे टक्कर मार दी। जिससे उसका पूरा शरीर ट्रक के पहियों के नीचे पिसकर लोथड़े में तब्दील हो गया। मौके पर ही उसकी जान निकल गई। हादसा देखकर राहगीर व ग्रामीण भड़क गये और उन्होंने सड़क पर काफी लंबा जाम लगा दिया। कुठौंद थानाध्यक्ष चंद्रशेखर दुबे के अलावा सिरसा कलार थानाध्यक्ष सत्यदेव सिंह व गोहन थानाध्यक्ष को भी मौके पर भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक जाम लगाये प्रदर्शनकारियों को मनाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ड्राइवर अपने हैल्पर से गाड़ी चलवा रहा था। उसके नौसिखियेपन की वजह से रामकुमार को जान गंवानी पड़ी। इसलिए मामले में ड्राइवर और क्लीनर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाये। पुलिस के कठोर कार्रवाई के लगातार आश्वासन के काफी देर बाद जाम खुला।
बाद में कालपी क्षेत्र की विधायक उमाकांति सिंह के पति सुरेंद्र सिंह सरसेला भी मौके पर पहुंचे जिससे मामला फिर गरमा गया। उनका कहना था कि चार दिन पहले कुठौंद में भी इसी तरह से महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी जिसकी तीन माह पहले ही शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि आबादी बाहुल्य क्षेत्रों में वाहनों की स्पीड तय करने और ब्रेकर बनवाने से ही हादसे रुकेंगे। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बात डीएम तक पहुंचाने की बात कहकर किसी तहर उन्हें शांत किया।





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