उरई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा है कि सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है और किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
वे उरई स्थित गोविंदम रेस्टोरेंट में आयोजित शिक्षक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह और पूर्व प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह भी मौजूद रहे। शिक्षकों ने प्रदेश पदाधिकारियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि टीईटी प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने संगठन को आश्वस्त किया है कि पहले से कार्यरत किसी भी शिक्षक के हितों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की थी, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की।
बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, पुरानी पेंशन बहाली, शत-प्रतिशत प्रोन्नत वेतनमान, आरटीई के अनुसार विद्यालय संचालन अवधि 4 से 5 घंटे करने, तबादला नीति को स्थायी बनाने तथा पदोन्नति पर न्यूनतम 17140/18150 वेतनमान लागू कराने जैसे मुद्दों पर लगातार प्रयासरत है।
इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव, जिला महामंत्री इलियास मंसूरी, संगठन मंत्री विकास कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव गुर्जर, प्रवक्ता सलिल कांत श्रीवास, अभिषेक पुरवार, अखिलेश रजक, प्रदीप कुमार सिंह, आलोक गुप्ता, नवनीत श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।






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