27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceउरई। फैक्ट्री में काम कर रही महिला के मशीन चालू हो जाने से गंभीर रूप से घायल हो जाने के मामले में फैक्ट्री मालिक द्वारा चिकित्सा खर्चा वहन न करने से नाराज पीड़ित के परिजनों ने आज कोतवाली में तहरीर दी जिसमें आरोप लगाया गया है कि फैक्ट्री मालिक खर्चा मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस मामले में कोई मुकदमा अभी तक दर्ज नही किया गया है। पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है।
प्राप्त विवरण के अनुसार मोहल्ला तुलसी नगर निवासी तारा देवी उर्फ रजनी गणपति ईंटा फैक्ट्री में जीवन यापन के लिए मजदूरी करती है। गत् 7 अपै्रल को तारा देवी जब फैक्ट्री में मशीन की सफाई कर रही थी तभी मैनेजर की लापरवाही से अचानक मशीन चालू कर दी गयी। जिससे उनके कमर में फैक्चर हो गया और कई अन्य गंभीर चोटें आईं। फैक्ट्री के प्रबंधतंत्र ने यह देख बला टालने के लिए बिना उनके घरवालों को सूचना किये उन्हें झांसी ले जाकर अस्पताल में अकेला छोड़ दिया। अगले दिन जानकारी होने पर तारादेवी के पुत्र राजेंद्र कुमार वर्मा झांसी पहुंचे तब उन्होंने रिश्तेदारों व अन्य लोगों से कर्जा लेकर अपनी मां का इलाज शुरू कराया। जिसमें 90 हजार रुपये खर्च हो गये।
राजेंद्र कुमार ने बाद में फैक्ट्री मालिक से इलाज का खर्चा देने की गुहार की तो वह भड़क गया। इतना ही नही उसने राजेंद्र को उरई छोड़कर भाग जाने का फरमान सुना दिया और कहा कि उसने ऐसा नही किया तो वह उसे जान से खत्म कर देगा। गौरतलब है कि श्रम विभाग द्वारा फैक्ट्री मालिकों, जमीदारों और व्यवसाईयों के तलवे चाटे जाते हैं जिसकी वजह से जिले में निरंकुश होकर मजदूर वर्ग का शोषण हो रहा है। न तो किसी को निर्धारित मजदूरी दी जाती है न ही लिखापढ़ी में उन्हें ड्यूटी पर दर्शाया जाता है। ड्यूटी के दौरान चाहे कोई मजदूर घायल हो जाये या उसकी मौत हो जाये अपनी बला से कोई फैक्ट्री मालिक किसी मजदूर को सहायता नही देता जबकि वह ऐसा करने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य है। दूसरी ओर मजदूरोें के नाम पर नेतागिरी करने वाले फैक्ट्री मालिकों की दलाली करते हैं जिससे कोई आंदोलन छेड़ना उनके लिए संभव नही है। नई जिलाधिकारी से मांग की जा रही है कि वे सख्त रवैया अपनायें तांकि मजदूरों के अस्तित्व की रक्षा हो सके।

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