0 भारी गहमा गहमी के बीच निपटा स्वर्णकार समाज का सांगठनिक चुनाव
0 विनोद द्वारा जारी अपील के बाद उमेश को मिले सभी वोट, बने उपाध्यक्ष
कोंच-उरई। स्वर्णकार समाज के संगठन का चुनाव मुरली मनोहर मंदिर कमेटी के नाम से जाना जाता है। बुधवार को भारी गहमा गहमी के बीच तीन पदों के लिये मंदिर परिसर में ही वोट डाले गये जिसमें 82.8 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोटिंग के बाद हुई मतों की गिनती के बाद शाम 4 बजे आये परिणामों में चतुर्भुज चंदेरिया अध्यक्ष और जयेन्द्रकुमार दबकर कोषाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किये गये। उपाध्यक्ष पद पर भी निर्वाचन हुआ जिसमें एक प्रत्याशी विनोद घुरा द्वारा खुद को चुनाव मैदान से हटने की अपील जारी कर देने के बाद प्रतिद्वंद्वी उमेश के पक्ष में सभी वोट पड़ गये और वह निर्वाचित घोषित कर दिये गये।
बुधवार सुबह 8 बजे से मुख्य निर्वाचन अधिकारी गंगाराम दबकर, सहायक चुनाव अधिकारियों नरोत्तमदास स्वर्णकार, शंभूदयाल स्वर्णकार, नरेन्द्रमोहन मित्र, हरीप्रकाश एडवोकेट, रामरतन चंदेरिया, अवधविहारी स्वर्णकार की देखरेख में मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में समाज के लोगों ने भारी उत्सुकता दिखाई और कुल 565 के सापेक्ष 468 यानी 82.8 फीसदी मतदाताओं ने निर्धारित समय 2 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था। इसके बाद मतों की गिनती का काम शुरू हुआ और शाम 4 बजे आये आये परिणामों में चतुर्भुज चंदेरिया अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित किये गये, उन्हें 256 वोट मिले जबकि उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी अशोक कुमार दबकर को मात्र 200 वोट ही मिल सके, 12 वोट अबैध घोषित किये गये। हालांकि नाम वापिसी के दिन नाम बापिस नहीं ले पाने के कारण विनोद घुरा और उमेश टेंटवार के बीच मुकाबला था लेकिन विनोद ने चुनाव मैदान से हटने की अपील जारी कर दी जिसके चलते सभी वोट उमेश के पक्ष में पड़े और वह निर्विाचित हो गये। कोषाध्यक्ष पद पर जयेन्द्रकुमार दबकर (243) ने अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी बांकेविहारी (202) को 41 वोट से शिकस्त देकर इस पद पर कब्जा जमा लिया। अन्य पदाधिकारियों में मंत्री पद पर अनिल कपूर स्वर्णकार, उपमंत्री संजीव भदेवरा, ऑडीटर अतुल करैलया खूजा बाले तथा पांच सदस्य अनूप गड़बई, पुष्पांक कनासी, कौशलकिशोर इमलौरी, सुनील कुमार डीढा व डीके सोनी पहले ही निर्विरोध चुन लिये गये थे। जैसे ही परिणामों की घोषणा हुई विजयी प्रत्याशियों के समर्थक खुशी में झूम उठे और उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।







Leave a comment