छावनी बना रहा ठड़ेश्वरी मन्दिर
कोतवाल से भिड़े गौरीशंकर
70 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, शाम को सभी रिहा
उरई। हिन्दू संगठनों द्वारा
रामनवमी जुलूस निकालने के इरादे को विफल करने के लिये ठड़ेश्वरी मन्दिर की शुक्रवार को जबर्दस्त नाकेबंदी कर दी गयी थी। पूरा ठड़ेश्वरी मन्दिर परिसर पुलिस छावनी नजर आ रहा था। कई घंटों की जद्दोजहद के बाद आखिर मेंपुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को
गिरफ्तार करने की घोषणा की। लगभग 70 कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर कोतवाली में लाया गया। शाम को सभी कार्यकर्ता छोड़ दिये गये।
पिछले वर्ष भी रामनवमी पर ठड़ेश्वरी मन्दिर से जुलूस निकालने को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और प्रशासन में जमकर कहासुनी हुई थी लेकिन अधिकारियों ने साफ कह दिया था कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के कारण किसी भी नई धार्मिक परंपरा की शुरूआत नहीं की जा सकती। आखिर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को अपना इरादा छोडऩा पड़ा। इस वर्ष फिर जुलूस निकालने की तैयारी की गयी। हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता आमादा होकर जुलूस निकालने की तैयारी किये हुए थे। दूसरी ओर प्रशासन सुबह से ही मुस्तैद हो गया था। अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार ने जुलूस निकालने का आग्रह कर रहे हिन्दू संगठनों के नेताओं को उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देकर समझाने की भरसक कोशिश की। इसी बीच भाजपा नेता गौरीशंकर वर्मा और प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना में तीखी झड़पें हो गयीं।
हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम और पुलिस मुर्दाबाद के नारे जोशीले अंदाज में गुंजाने शुरू कर दिये। जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने उनको अरदम में लेने के लिये लाठियां फटकारीं। जुलूस निकालने की किसी भी संभावना को टालने के लिये पुलिस ने दर्शनार्थियों को भी मन्दिर के गेट पर ही रोकना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर महंत सिद्दन दास मन्दिर से निकलकर बाहर आये और उन्होंने कहा कि दर्शन के लिये रोकना उचित नहीं है। एडीएम ने इस पर समझबूझ का परिचय देकर पुलिस को निर्देशित किया कि वे लोगों को दर्शन के लिये जाने दें।
पुलिस और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं में काफी देर तक लुकाछिपी की स्थिति बनी रही। प्रशासन कोई भी ढील देने के लिये तैयार नहीं था। उधर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं को भी सम्मान जनक ढंग से पीछे हटने के मौके की तलब थी। जिसके बाद गिरफ्तारी की औपचारिकता का निर्णय लिया गया। लगभग 70 कार्यकर्ताओं को वाहनों में बैठाकर पुलिस कोतवाली में लायी। कागजों में गिरफ्तारी दर्शाने के बाद प्रशासन ने शाम को सभी को छोड़ दिया। गिरफ्तारी देने वालों में क्रमांक शुक्ला, अग्निवेश चतुर्वेदी, श्यामजी शर्मा मुख्य रहे।







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