18orai01पदमशाह दरगाह पर जवाबी कव्वाली का आखिरी दौर
उरई। हजरत सैयद पदमशाह बाबा के सालाना उर्स के तीसरे दिन बज्मे कव्वाली में मुंबई से आये फनकार जाहिद नाजा ने ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की शान में गौस का गुलाम हूं मैं ख्वाजा का दीवाना चिश्तिया रंग में रंगा हूं मैं तो रंग है मेरा सुहाना कव्वाली छेड़ी तो उनके अंदाज और जोश पर कार्यक्रम में मौजूद भारी भीड़ फड़क उठी।
इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली से आये अकरम असलम साबरी ने भी सधे अंदाज में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की शान में कव्वाली गाकर समां बांध दिया।
इससे पहले जवाबी कव्वाली के दूसरे दिन की शुरूआत जिलाधिकारी संदीप कौर और पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने फीता काटकर किया। इस दौरान जिलाधिकारी संदीप कौर ने स्वस्थ सामाजिक वातावरण के लिये सूफी परंपरा से जुड़े आयोजनों को आज के समय की जरूरत बताया। पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा कि उर्स का आयोजन हिन्दू और मुसलमान दोनों समुदाय के लोग मिलकर कर रहे हैं जो कि बेहद महत्वपूर्ण है। देश की मजबूती के लिये सभी समुदायों में एकजुटता की आज बहुत जरूरत है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी के अलावा नवाब कदौरा, जमीर आलम, कल्ला चौधरी, जुनैद पहलवान, शंभू दयाल, डा.सुमित सचान, पूर्व चेयरमैन विजय चौधरी आदि भी मौजूद रहे।

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