महेबा-उरई। विकास खण्ड परिसर में ब्लाक के सभी प्रधानों को राज्य पोषण मिशन के कार्यक्रम के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी संदीप कौर ने इस दौरान प्रधानों की समस्यायें भी सुनीं। उन्होंंने प्रधानों से कहा कि सूखे के कारण गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या के विकराल होने की आशंका के मद्देनजर उन्हें राज्य वित्त आयोग से मिले बजट की पहली किस्त को केवल पेयजल संसाधनों को दुरुस्त करने पर खर्च करना चाहिये।
उन्होंने कहा कि इस बजट से गांव के हैंडपंप प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराये जायें। जहां तालाब सफाई की जरूरत हो बजट को इस मद पर भी खर्च करें। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पेयजल के सभी विकल्प समाप्त दिखेंगे। जिला प्रशासन उनमें प्राथमिकता के आधार पर टैंकर भिजवायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि सूखे के कारण अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न न होने देने के लिये राज्य सरकार ने प्रत्येक महीने अन्त्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त खाद्यान्न सामग्री के पैकेट उपलब्ध कराने का फैसला लिया है जिसके तहत एक कार्ड धारक को 25 किलो आलू, 10 किलो आटा, 5 किलो दाल, 2 किलो तेल, 1 किलो मिल्क पाउडर और 1 किलो घी दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि तापमान की अधिकता को देखते हुए स्कूलों के खुलने और बन्द होने का समय बदल दिया गया है। उन्होंने प्रधानों से आंगनबाड़ी केन्द्रों को नियमित रूप से खुलवाने के लिये गौर करने को कहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण मजदूरों को रोजगार देने के लिये आज शाम तक सभी पंचायतों में मनरेगा का बजट पहुंचा दिया जायेगा। कार्यक्रम के बाद उन्होंने ब्लाक का निरीक्षण भी किया।





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