cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। बंुदेलखंड में वाटर एक्सप्रेस ने लोगों की प्यास तो नही बुझाई लेकिन सियासी आग जरूर लगा दी है। रतलाम से वाया कोटा महोबा के लिए रवाना हुई केंद्र सरकार की यह सौगाती ट्रेन झांसी में आकर अटक गई है। भाजपा ने वाटर एक्सपे्रस के बहाने पाॅलिटिकल माइलेज लेने का जो ताना-बाना बुना था अखिलेश सरकार के कलेक्टर ने उसमें अडंगा लगा दिया। महोबा के कलेक्टर के बाद सपा के प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव के प्रभारी और लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इस आग में और घी डालते हुए यह बयान जारी किया है कि पहले मोदी सरकार गांवों तक ट्रेन का पानी पहुंचाने के लिए 100 टैंकर राज्य सरकार को उपलब्ध कराये इसके बाद उसकी वाटर एक्सपे्रस सेवा का कोई अर्थ स्वीकार किया जायेगा।
बुंदेलखंड में लोग सूखे के बीच भूख के साथ-साथ अब प्यास से भी तड़पने लगे हैं। चंद अंत्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त खाद्यान्न पैकेट की व्यवस्था कर सूबे की अखिलेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा और बसपा के किला कहे जाने वाले बुंदेलखंड में अपनी पैठ मजबूत करने की चाल चल दी है। इसका असर देख भाजपाई बेचैन थे। इसी बीच हमीरपुर-महोबा के सांसद पुष्पेंद्र चंदेल की मांग पर केंद्र सरकार ने पेयजल समस्या से बुरी तरह पीड़ित महोबा में ट्रेन से पानी मुहैया कराने की घोषणा कर डाली। इसको अमली रूप देते हुए रतलाम से वाटर एक्सपे्रस रवाना की गई। जिसमें जुड़ी दसों बोगियां खाली थी। यह ट्रेन वाया झांसी कोटा पहुंचती जहां से चम्बल के वाण सागर डैम से पानी भरकर इन बोगियों को महोबा पहुंचाया जाना था। लेकिन इसके पहले ही महोबा के कलेक्टर वीरेश्वर सिंह ने अपने राजनैतिक आकाओं के इशारे पर डीआरएम झांसी को यह संदेश भिजवा दिया कि वाटर एक्सपे्रस की उनके जिले के लिए कोई उपयोगिता नही है। एक तो इस कारण कि 50 फीसदी हैंडपंप ठप्प हो जाने के बावजूद आधे हैंडपंप अभी भी चालू हैं जिनसे काफी हद तक लोग लड़-झगड़कर अपनी जरूरत पूरी कर पा रहे है। इसके बाद मसला यह भी है कि जिन चंद गांवों में पानी का कोई साधन नही रह गया है उनको पानी पहुंचाने के लिए बड़ी मुश्किल से कुछ टैंकरों का इंतजाम हम कर पाये हैं। अब अगर वाटर एक्सपे्रस की पानी की बोगिया महोबा स्टेशन पर खड़ी भी हो जायें तो शोभा मात्र के लिए रहेंगीं क्योंकि हमारे पास इस पानी को गांव तक पहुंचाने के लिए टैंकरों का बंदोबस्त जो नही है।
इसी बीच केंद्र और राज्य की अलग-अलग सरकारों की खींचतान में रतलाम से झांसी तक वाटर एक्सपे्रस के आने में लाखों रुपये का डीजल फुक गया। राज्य सरकार ने भी अपनी आपत्ति ट्रेन रवाना होने से पहले जताने की जरूरत महसूस नही की। उधर राज्य के लोक निर्माण मंत्री और मुख्यमंत्री के चचा जान शिवपाल यादव अपने अंदाज में इस खींचतान के बीच कंूद पड़े हैं। बुंदेलखंड में सियासत के अखाड़े में कितने नये दांव-पेंच अजमाये और दिखाये जायेंगे यह खींचतान इसकी पहली बानगी है।

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