08orai05इप्टा की निशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला प्रारंभ
कोंच-उरई। भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) संगठन मात्र नहीं है यह आधुनिक भारत का पहला सांस्कृतिक आन्दोलन है। यह आंदोलन देश के अनेकों हिस्सों में आज भी चल रहा है। इप्टा के सांस्कृतिक आंदोलन ने देश की आजादी में अपना अतुलीय योगदान दिया है। बगैर इप्टा के भारत में नुक्कड़ नाट्य आंदोलन की बात भी नहीं की जा सकती है। उपरोक्त विचार इप्टा कोंच इकाई द्वारा चैबे पार्क बजरिया वाट स्कूल के पीछे कोंच में आयोजित 16वीं ग्रीष्मकालीन निरूशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम दिन कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी व इप्टा कोंच के संरक्षक मण्डल के सदस्य अनिल वैद ने व्यक्त किए।
वैद ने कहा कि इप्टा ने अपने स्थापना बर्ष से ही यह घोषित कर दिया था कि कला जनता के लिए है। इप्टा की स्थापना के समय बर्ष 1943 में बंगाल में भयावह अकाल पड़ा था। आज 73 वर्षों बाद बुंदेलखण्ड सहित देश के बारह राज्य सूखे, अकाल और भुखमरी की चपेट में है। ऐसे में रंगकर्मियों का उत्तरदायित्व और बढ जाता है। रंगकर्मियों को चाहिए कि वे कार्यशाला के दौरान सिखाये गये गीतों और नाटकों को जनता तक ले जायें। उद्घाटन सत्र को मुख्य वक्ता के रुप में संबोधित करते हुए इप्टा के प्रांतीय सचिव व कोंच इप्टा के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद नईम ने कहा कि इप्टा, रंगमंच और भारतीय सिनेमा को हम अलग अलग नहीं देख सकते, तीनों को एक दूसरे से जोड़कर ही भारतीय सिनेमा को समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा अहमद अब्बास, भीष्म साहनी, बलराज साहनी, नरगिस दत्त, कैफी आजमी, अली सरदार जाफरी, शंकर शैलेन्द्र, रविशंकर, सफदर हाशमी, हबीब तनवीर आदि की इप्टा, रंगमंच व भारतीय सिनेमा को देन अविस्मरणीय है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए इप्टा कोंच इकाई के अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए कहा कि बच्चों में सांस्कृतिक अभिरुचियों के परिष्कार हेतु सोलहवीं निरूशुल्क नाट्य कार्यशाला आज से इप्टा कोंच इकाई द्वारा आयोजित की जा रही है। इसमें 10 से 25 आयु वर्ग के बच्चे, किशोर एवं युवा भाग ले सकते हैं। नाट्य कार्यशाला का समय प्रतिदिन प्रातरू 7 बजे से दोपहर 11 बजे तक रहेगा। संचालन इप्टा के सचिव पारसमणि अग्रवाल ने व आभार महासचिव राशिद अली ने व्यक्त किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष भास्कर गुप्ता, संगीत प्रशिक्षक तलत खान, मेंहदी प्रशिक्षिका शिवांगी चतुर्वेदी, मंजरी मिश्रा, इप्टा कार्यकारिणी सदस्य रामकिशोर कुशवाहा, नमन चतुर्वेदी, नमन तिवारी, अमन कौशिक, ट्ंिकल राठौर, प्रतीक द्विवेदी सहित प्रथम दिन तक पंजीकृत 76 बाल एवं युवा रंगकर्मी प्रतिभागी उपस्थित थे। कार्यशाला का प्रारम्भ रंगकर्मियों द्वारा प्रस्तुत इप्टा गीत श्बजा नगाड़ा शांति का, शांति का, शांति का..्य तथा समापन जनगीत आजादी ही आजादी से हुआ। उद्घाटन सत्रोपरांत प्रतिभागियों का आपसी परिचय कराया गया तथा निर्देशक मण्डल द्वारा उनकी रुचि के अनुसार गायन, अभिनय, वादन, नृत्य व काव्य पाठ कराया गया।

Leave a Reply