कोंच-उरई। अक्षय तृतीया पर परम्परानुसार गुड्डे-गुड़ियों के विवाह का आयोजन रुचिकर अंदाज में किया गया। जिसमें समाज की सांस्कृतिक भव्यता की आकर्षक झांकी देखने को मिली।
महिलाओं ने देवल का प्रसाद चढ़ाकर लोगों को वितरित किया। बालिकाओं ने कपड़ों के गुड्डा-गुड़िया बनाईं और इसके बाद वाकायदा गुडडे की बारात निकाली गई। बड़ों ने भी इस कार्यक्रम में पूरी दिलचस्पी दिखाई। गांव-गांव में उत्सव धर्मिता का एक ऐसा माहौल रचा रहा जिसमें एक दिन के लिए लोग सूखे की विपदा का दर्द भूलकर जी भरकर उल्लास के रंग में डूबे रहे।







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