जल संरक्षण से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पर हुई चर्चा, MY भारत के तहत डीवी कॉलेज और अभ्युदय केंद्र ने किया आयोजन
उरई (जालौन)। आपदा के समय सतर्कता, सही निर्णय और सामूहिक प्रयास बड़े नुकसान को रोक सकते हैं। इसी समझ को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के माय भारत (MY Bharat) कार्यक्रम के तहत दयानंद वैदिक डिग्री कॉलेज और अभ्युदय केंद्र, उरई के संयुक्त तत्वावधान में आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की गई। अभ्युदय केंद्र परिसर में हुए इस आयोजन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जल संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के महत्व से परिचित कराया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस मनाया जाता है। इसी संदर्भ में आयोजित कार्यशाला में जिला युवा अधिकारी सचिन गैरा प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए, जबकि परमार्थ समाजसेवी संस्थान के अमरदीप विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिला युवा अधिकारी सचिन गैरा ने युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने यूपीएससी सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को उपयोगी सुझाव देते हुए पढ़ाई के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भागीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं के सर्वांगीण विकास में सामाजिक अनुभवों की भूमिका पर भी जोर दिया।
परमार्थ समाजसेवी संस्थान के प्रतिनिधि अमरदीप ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को समझाते हुए संस्थान की ओर से किए जा रहे जल संरक्षण के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने जल सहेलियों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में सामुदायिक भागीदारी किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से जल संरक्षण के प्रति सजग रहने और अपने स्तर पर भी पहल करने का आह्वान किया।
दयानंद वैदिक कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. नमो नारायण सहित अन्य वक्ताओं ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वक्ताओं ने वृक्षारोपण से जुड़े अपने अनुभव भी बताए और पर्यावरण संरक्षण को आपदा जोखिम कम करने के व्यापक प्रयासों से जोड़कर समझाया।
कार्यक्रम का संचालन अभ्युदय केंद्र के शिक्षक यशोधन त्रिपाठी और सौमित्र त्रिपाठी ने किया। आयोजन में युवा एंबेसडर कुश और वालंटियर नैंसी की भी प्रमुख भूमिका रही।
इस अवसर पर दयानंद वैदिक कॉलेज के भूगोल विभाग के डॉ. एम.एस. बघेल तथा अभ्युदय केंद्र के अमित, संतोष, सुनील भारद्वाज, त्रिभुवन, श्रीराम और अजय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला में यूपीएससी एवं नीट बैच के छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को आपदा प्रबंधन के महत्व, जोखिम न्यूनीकरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।







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