cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। न्याय पंचायत स्तर तक फैले पैरालीगल वालंटियर के कार्याें का सत्यापन कराया जायेगा तभी उनके मानदेय का भुगतान होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बताया कि दो वर्ष से जनपद में विकास खण्ड, थाना, कोतवाली, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत वार पराविधिक स्वयं सेवक कार्य कर रहे हैं जिनके अवशेष मानदेय के भुगतान के लिए शासन से पत्राचार किया गया था। इस क्रम में निर्देश प्राप्त हुए हैं कि पराविधिक स्वयं सेवकों के वास्तविक कार्याें की गुणात्मक समीक्षा की जाये और इनके कार्यों की प्रकृति के संबंध में तथ्यात्मक सत्यापन कराया जाये। इस संबंध में यह सुनिश्चित किया जाना है कि कितने पराविधिक स्वयं सेवक वास्तविक रूप से क्रियाशील हैं और वह अपने कार्य स्थल व कार्य क्षेत्र में निःशुल्क विधिक परामर्श और सहायता के लिए क्या कार्य कर रहे हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इसके मददेनजर सभी पैरा वालंटियर्स को आगाह किया है कि वे अपने सभी पुराने व नये अभिलेख अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के अंदर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में जमा कर दें तभी उनकी अवशेष मानदेय का भुगतान संभव हो पायेगा।

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