उरई। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे यह कहावत महेबा ब्लाॅक के हिम्मतपुर में सामने आई जहां गरीबों को राशन न बांटने का विरोध करने पर कोटेदार ने झूठा ड्रामा रचाकर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। सोमवार को दर्जनों महिलाओं और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर कोटेदार की करतूत पर विरोध जताया। गुस्से में प्रदर्शनकारी महिलाओं द्वारा की गई नारेबाजी के कारण जिलाधिकारी को बैंकर्स की बैठक करना मुश्किल हो गया।
प्राप्त समाचार के अनुसार हिम्मतपुर में 10 जून को राशन वितरण के समय कुछ लोगों ने प्रधान कृष्णपाल सिंह से शिकायत की कि कोटेदार उन्हें राशन देने की बजाय धमकाते हुए भगा दिया। प्रधान उन्हें साथ लेकर कोटेदार के पास पहुंच गये और उन्होंने कार्ड धारकों की लिस्ट मांगी। कोटेदार ने लिस्ट तो दी नही, वितरण रजिस्टर दिखाया वह भी केरासिन का। इस पर प्रधान से उसका विवाद हो गया तो कोटेदार रामप्रकाश उसके दो पुत्रों अजब व जगत नारायण और घर की महिलाएं लाठी-डंडे लेकर उस पर टूट पड़ीं। बाद में उनका भाई दौड़ते हुए आया उसकी जान बचाने के दौरान उसके भाई को भी लाठिया खानी पड़ी। इस बीच रामप्रकाश ने गेंहूं और चावल के ऊपर मिटटी का तेल डालकर आग लगा दी। इसके बाद बलवा करने का आरोप दिखाकर कृष्णपाल सिंह, प्रेमा देवी और मुन्नी देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जबकि कोटेदार की पहले से क्रिमनल हिस्ट्री है और वह एक बार जेल भी जा चुका है। लेकिन पुलिस ने कोटेदार से भरपूर मेहनताना मिल जाने के कारण इस पर गौर न करते हुए इकतरफा कार्रवाई कर डाली।
दो और ग्रामों के कोटेदार पीड़ित लोगों का हुजूम भी कलेक्ट्रेट में बवाल काटे रहा। महेबा ब्लाॅक के ही नादई में भी कोटेदार ने दबंगई दिखाई। पहले उसने महेश पाल को राशन दिये बिना भगा दिया और जब प्रधान पति मधु सिंह उसकी पैरवी में आये तो उन्हें भी धमकाया और कहा कि कोटा उसकी मर्जी से बटेगा। अधिकारियों के निर्देश कुछ भी हों। उधर रामपुरा ब्लाॅके के धूता गांव की ओमवती, पंकज कुशवाहा आदि ने भी डीएम से शिकायत की कि उनका कोटेदार हेकड़ी पर उतारू है और कार्ड होते हुए भी राशन नही दे रहा। डीएम ने सभी मामलों में जिलापूर्ति अधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिये। इसके बाद शाम को सभी पूति निरीक्षकों को अपने सामने तलब करके धांधली रोकने के लिए उन्हें टाइट किया।






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