झांसी। झांसी टाइम्स ने 6 जनवरी 2013 को यू टयूब पर वायरल हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत की एक वीडियो क्लिप को नये सिरे से अपलोड क्या कर दिया कि संघ खेमे में बेनकाब होने जैसी खलबली मच गयी। संघ प्रमुख के इशारे पर इसके बाद आपके अपने झांसी टाइम्स न्यूज पोर्टल को उत्पीड़ित करने के लिए आगरा की एक अदालत में मुकदमा दायर करा दिया गया है।
देश में असहिष्णुता बढ़ने का आरोप यूं ही नही लगाया जा रहा। संघ के लिए असुविधा जनक किसी भी प्रकाशन प्रसारण के खिलाफ मोदी सरकार आ जाने के बाद से प्रतिशोधात्मक प्रतिक्रिया होने लगी है। अपने हर आलोचक को सबक सिखाने पर आमादा संघ परिवार के बुलडोजर की चपेट में झांसी टाइम्स भी आ गया।
झांसी टाइम्स में संघ प्रमुख के भाषण के उस वीडियो को नये सिरे से अपलोड किया गया था जो यू टयूब पर पहले से ही उपलब्ध था। इसलिए झांसी टाइम्स के प्रति उसके द्वारा बदले की कार्रवाई का कोई औचित्य नही हो सकता था। लेकिन कहा जाता है कि पुरानी वीडियो क्लिप के फिर से पर्दे पर आ जाने को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद इतने बौखला गये कि उन्होंने आगरा के एक स्वयं सेवक को झांसी टाइम्स की घेरा बंदी के लिए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का फरमान जारी किया। हालांकि झांसी टाइम्स निर्भीक पत्रकारिता की पूर्वजों की लीक को बरकरार रखने के लिए इस मुकदमें से कतई विचलित नही है। वह संघ सहित किसी भी संगठन और सार्वजनिक व्यक्ति की स्वस्थ्य आलोचना के दायित्व से अपने दर्शकों के विश्वास और समर्थन के भरोसे कोई समझौता न करने का भरोसा दिलाता है।






Leave a comment