रामपुरा-उरई। पिछले दिनों टीहर में आतिशबाजी विक्रेताओं के गोदाम में अत्यधिक क्षमता के विस्फोटकों के भारी जखीरे को पुलिस ने सींज किया था जिसे आज लखनऊ से पहुंची बम निरोधक दस्ते की टीम ने खेतों में बारूद ले जाकर निष्क्रिय किया। नतीजतन लोगों ने राहत की सांस ली।
टीहर में आतिशबाजी लाइसेंस की आड़ में 45 कुतंल बारूद का भण्डारण कर लिया गया था जो निर्धारित मात्रा से काफी ज्यादा थी। साथ ही बारूद की विस्फोटक क्षमता भी स्वीकृत दायरे से बहुत अधिक थी। अगर बारूद के इस जखीरे में कहीं से चिंगारी छू जाती तो गजब हो सकता था। गत् 12 अगस्त को रामपुरा के थानाध्यक्ष राजाभइया ने खबर पाकर बारूद के गोदाम को सील कर दिया था और दोषी आतिशबाजी विक्रेताओं को जेल भेज दिया था।
गोदाम में इतनी ज्यादा बारूद डंप होने के कारण न केवल टीहर गांव के लोग बल्कि आसपास पूरे क्षेत्र के लोग दहशत और अंदेशे की वजह से सो नही पा रहे थे। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी के अनुरोध पर इस बारूद को निष्प्रभावी करने के लिए शनिवार को बीडीएस प्रभारी अवधेश त्रिपाठी, सुशील कुमार, शिववीर, रणजीत, बृजमोहन आदि पहुंचे। साथ में एसओ रामपुरा राजाभइया, एसओ माधौगढ़ मनोजकुमार और एसओ गोहन श्री गौड़ भी मौजूद रहे। बम निरोधक टीम ने बारूद के बोरे खेतों पर ले जाकर उनको निष्क्रिय किया। इस प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों का भारी मजमा इकटठा हो गया था। लोगों ने बारूद निष्क्रिय होने के बाद राहत की सांस ली।






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