29orai02उरई। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में आसना खातून की शिकस्त की खबर आने के बाद पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी के आवास पर उमड़ी दाढ़ी-टोपी वाले मुसलिम समाज के लोगों की प्रतिक्रिया जाहिर कर रही थी कि इस इलाके में उनके गुस्से का कितना बड़ा नजला समाजवादी पार्टी पर गिरने वाला है।
कदौरा, कालपी के अलावा उरई व जिले के अन्य भागों से भी मुसलिम समाज के लोग बड़ी तादाद में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव देखने के लिए इकटठा थे। समाजवादी पार्टी के नेता जिस तरह से उन्हें भरोसा दिला रहे थे उससे उन्हें एक फीसदी भी गुमान नही था कि आसना खातून की इतनी करारी शिकस्त देखने को मिलेगी। लेकिन चुनाव नतीजे के बाद उन्हें जो सदमा लगा वह नाकाबिले बर्दास्त था।
मुसलिम समाज के लोग समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अपने गुबार निकाल रहे थे। उनका कहना था कि पार्टी ने ही उनके साथ दगाबाजी की है। वरना स्थानीय लोगों की दम नही थी कि वे पार्टी के फैसले को ताख पर रखने की सीमा तक वाकई में जाते। भीड़ के तेवर देखकर प्रशासन और पुलिस भी सहमी रही। एलआईयू व अन्य अभिसूचना इकाईयों की टीम बराबर टोह लेती रही।
मुसलिम समाज का मानना है कि पहले दिन से ही हाईकमान के स्तर से इस चुनाव में उदासीनता बरती गई जबकि समाजवादी पार्टी का चरित्र है कि छोटे से छोटे चुनाव तक को जीतने के लिए वह शुरू से साम-दाम-दण्ड-भेद हर हथकंडा अख्तियार करने मे चूंकती नही रही है। अगर पार्टी का ढीला-ढाला रवैया नाम वापसी के दिन तक खत्म हो जाता तो फिर अधिकृत प्रत्याशी के लिए कोई संकट नही रह जाता।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में हार का यह असर केवल जालौन जिले तक सीमित नही है बल्कि पूरे बंुदेलखंड में इसकी धमक महसूस की जा रही है जिससे जो पार्टी सबसे ज्यादा बल्ले-बल्ले हो रही है वह बसपा है। अब सवाल यह है कि क्या सपा नेतृत्व समय रहते इस नुकसान के प्रति खबरदार हो पायेगा या उसकी तंद्रा जारी रहेगी। अगर समाजवादी पार्टी ने इस चुनाव के नफा नुकसान का सही आंकलन कर लिया तो इसका पता कुछ ही दिनों के अंदर पार्टी के भितरघाती नेताओं पर बड़ी गाज के रूप में दिखाई दे सकता है जिससे शायद कारगर डैमेज कंट्रोल हो सके। इसीलिए लोगों की निगाह इसी बात पर टिकी है कि जिला पंचायत के आघातकारी चुनाव परिणाम के बाद सपा हाईकमान का रियेक्शन किस रूप में सामने आता है या फिर इस नतीजे को इग्नोर कर सपा हाईकमान यथावत् ठंडा रुख ही अपनाये रखेगा।

6 responses to “चुनाव परिणाम के बाद सपा हाईकमान के लिए मुसलिम समाज में गुस्से का सैलाब जलजला बनकर फूट सकता है, यह आक्रोश”

  1. PRAKASH CHANDRA GUPTA Avatar

    कल की गलती का परिणाम आज तो भुगतना ही पड़ेगा।
    सूरज की तपिश हमेशा बराबर नहीं रहती।

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  2. DHARMENDRA AJNARI Avatar
    DHARMENDRA AJNARI

    Fine news

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  3. dharmendra ajnari Avatar
    dharmendra ajnari

    True News

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  4. Dharmendra Ajnari Avatar
    Dharmendra Ajnari

    Always truenews

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  5. Anurag Pratap Dohare Avatar
    Anurag Pratap Dohare

    yaar haar baar apke anusaar sabkuch achha nahi hota hai………….

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  6. Dharmendra Ajnari Avatar
    Dharmendra Ajnari

    Nice news

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