04orai05उरई। मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने मंगलवार को कोंच में तहसील दिवस से लौटने के बाद नौनिहालों की शिक्षा के इंतजाम का जायजा लिया। उन्हें तमाम विद्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल मिला। सीडीओ ने इस पर नाराजगी प्रकट करते हुए शिक्षकों को अपनी ड्यूटी सही ढंग से निर्वाह करने की चेतावनी दी।
सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के बजट का वारा-न्यारा करने के लिए गांव के सारे बच्चों का कागजों में एडमीशन कर लिया जाता है। लेकिन सरकारी पढ़ाई की जीरो बटा जीरो हालत की वजह से अभिभावक उनकी वास्तविक पढ़ाई गांव में ही खुले प्राइवेट स्कूल में कराते हैं। इसमें उन्हें दोहरा लाभ नजर आता है। बच्चे की पढ़ाई भी ठीक-ठाक हो जाती है और उसे टीसी के समय भी झंझट का सामना नही करना पड़ता। लेकिन अधिकारी पूरे बच्चों की हाजिरी की गारंटी अध्यापकों से चाहते हैं जो उनके निर्देश एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकालने के एक्सपर्ट हैं। इसका प्रत्यक्ष अनुभव मंगलवार को सीडीओ ने अपने आकस्मिक निरीक्षण में किया।
सीडीओ ने पिण्डारी, चंदुर्रा और घुसिया में स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। सभी स्कूलों में बच्चों की बेहद कम तादाद मिली। साफ-सफाई व अन्य इंतजाम भी गड़बड़ दिखे। उन्होंने प्रधानाध्यापकों की क्लास लगाकर उनकों कड़ी फटकार सुनाई। इस दौरान सीडीओ ने आंगनवाड़ी केंद्र भी देखे। इसमें कई केंद्र बंद मिले। सीडीओ ने इस पर कहा कि कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के खिलाफ जिला कार्यक्रम अधिकारी को लिखा जायेगा।

Leave a comment