04orai04उरई। गोपालगंज में धड़ल्ले से सटटे का साम्राज्य चल रहा है। स्थानीय कोतवाली के प्रभारी की नियुक्ति में सटोरियों की अहम भूमिका का खुलासा इनके एक आका ने किया तो मीडिया की टीम चैंक पड़ी।
गोपालगंज में खुलेआम सटटे की पर्चियां लिखी जा रही हैं। जहां सैकड़ों लोग हर रोज अपनी बर्बादी के लिए उमड़ते हैं। सटटे में हारने के बाद कई मासूमों को चोरी-चकारी या चैन स्नेचिंग का रास्ता पकड़ना पड़ा। खतरनाक वायरस की तरह समाज के अंदर जहर घोलने का काम करने के बावजूद पुलिस सटटे पर मेहरबान है।
इसके कारण को लेकर एक तथाकथित सटटा किंग ने मीडिया के सामने बेखौफ होकर कहा कि उरई कोतवाली में नियुक्ति उनके इशारे पर होती है। जेपी यादव को झांसी कोतवाली से जिले में बुलवाकर उरई कोतवाली दिलवाने में उन लोगों की ही भूमिका सबसे प्रमुख थी।
सटोरियों ने और दिलचस्प राज भी खोले। उन्होंने बताया कि झांसी के कोई रहूफ भाई उरई का सटटा डील करते हैं। अनमोल होटल में सटोरियों ने अपना अडडा बना रखा है। पुलिस को वे तीस हजरा रुपये महीने कार्रवाई न करने का पहुंचाते हैं। सटोरियों का कहना तो यहां तक है कि कुछ पत्रकारों को भी उनकी ओर से महीना पहुंचाया जाता है। हालांकि उनकी इस बेलाग बयानबाजी की तस्दीक करने वाला कोई पुख्ता सुबूत तो मीडिया टीम के हाथ नही लग सका है। लेकिन बिना आग के धुआं नही उठता। इसी वजह से यह तय है कि कुछ न कुछ सैटिंग जरूर है। अगर ऐसा नही होता तो पुलिस गोपालगंज सब्जी मंडी में खुले आम हो रहे सटटे को रोकने के लिए हाथ-पैर जरूर मारती।

Leave a comment