0 नगर भर में निकली सामूहिक शोभायात्रा, तीन दर्जन डीजे की धुनों पर खूब थिरके युवा
0 हाथी तथा अन्य झांकियां भी शोभायात्रा के रहे खास आकर्षण
कोंच-उरई। कोंच में नवरात्र पर प्रतिष्ठापित होने बाली कमोवेश चार दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं की रविवार को सामूहिक शोभायात्रा निकाली गई और देर शाम नगर के दक्षिणी छोर पर धनुताल के पवित्र जल में उनका विसर्जन कर दिया गया। शोभायात्रा से पूर्व मैया की झांकियां अपने अपने प्रतिष्ठापन इलाकों में द्वार द्वार पहुंचीं जहां उनकी आरती उतारी गई और तिलक कर उनकी अर्चना की गई। घरों के बाहर बच्चियों ने मैया के स्वागत में रंगोलियां सजाईं थीं। शोभायात्रा में दर्जनों बैंड और डीजे की धुनों पर युवा खूब थिरके। इस शोभायात्रा में देवी जागरण मंचों के कार्यकर्ता गुलाल उड़ाते और पटाखे फोड़ते रहे।
दशहरा और मूर्ति विसर्जन स्थल एक ही जगह धनुताल होने के कारण यहां देवी प्रतिमाओं का विसर्जन एकादशी के दिन किये जाने की परंपरा के तहत मंगलवार को जागरण मंचों से मैया की प्रतिमाओं को रथों में सवार करा कर उनकी नित्य आरती उतारी गई, इसके बाद प्रतिष्ठापन मुहल्लों में उनका भ्रमण कराया गया जहां द्वारे द्वारे उनकी आरती उतारी गई और तिलक किये गये। बच्चियों ने मैया के स्वागत के लिये दरबाजों के बाहर सड़कों पर आकर्षक रंगोलियां सजा कर मां की अगवानी की। इसके पश्चात् पूर्वान्ह तकरीबन ग्यारह बजे से सभी प्रतिमाओं ने सामूहिक शोभायात्रा के लिये जुटना शुरू कर दिया, चंदकुआ की मां सिंह वाहिनी के नेतृत्व में पुरानी स्टेट बैंक से प्रशासन द्वारा आवंटित क्रमानुसार प्रतिमाओं ने अपना स्थान ग्रहण किया। सामूहिक शोभायात्रा में चार दर्जन प्रतिमाओं ने शामिल होकर जुलूस की लम्बाई तकरीबन दो किमी लम्बी कर दी थी, जुलूस में हजारों की भीड़ शामिल रही। दर्जनों डीजे और बैंड बाजों की समवेत् कर्कश ध्वनि ने बूढों के दिलों को खूब धाड़ धाड़ बजाया। युवाओं ने जरूर इन धुनों पर पूरी मस्ती की और जमकर थिरके। जयप्रकाशनगर, भुंजरया चैराहा, नईबस्ती होकर शोभायात्रा रामगंज, नगर पालिका होकर चैकी तिराहा पहुंची। इस बीच पालिका कार्यालय के सामने चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया व सभासदों बादामसिंह कुशवाहा, महावीर यादव, पूर्व बार संघ अध्यक्ष ओमशंकर अग्रवाल, पप्पू चैधरी, संजय रावत, विजय अवस्थी, मयंकमोहन गुप्ता आदि ने सभी प्रतिमाओं का तिलक कर भेंट चढाई और आरती उतारी। सागर चैकी तिराहे से होकर मैया की सवारियां चंदकुआ पहुंची जहां से गांधीनगर नक्टीमाता मंदिर, रामलला मंदिर होकर विसर्जन स्थल धनुताल पहुंचीं और उनका सिलसिलेवार विसर्जन शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। पालिका ने लाइटिंग की उम्दा व्यवस्था कराई थी।
चाक चैबंद दिखे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी
देवी विसर्जन मेला अति संवेदलशील होने के कारण प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा था, इस दौरान न केवल पुलिस प्रशासनिक अफसर भी पूरी तरह से चैकन्ने होकर अपनी ड्यूटी करते दिखे। एसडीएम मुईनुल इस्लाम, सीओ एके शुक्ल के निर्देशन में कोतवाल मनवीर सिंह, एसएसआई अजय कुमार सिंह, दरोगा रवीन्द्र कुमार त्रिपाठी, संजीव यादव, जयवीर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद दुवे आदि अलग अलग प्वाइंट्स पर प्रतिमाओं को क्रमवार लगवा रहे थे और ट्रैफिक व्यवस्थित करने में जुटे रहे। पालिका ने इस दफा काबिले तारीफ काम यह किया कि सफाई कर्मियों की पूरी दलेल नगर भर में सुअरों को रोकने के लिये लगाई गई थी और पालिका अपने इस प्रयास में लगभग सफल भी रही। सुरक्षा के लिये सर्किल के अन्य थानों की फोर्स भी बुलाई गई थी, इसके अलावा पीएसी बल, दर्जन भर अंडर ट्रेनिंग थानेदारों तथा भारी पुलिस फोर्स लगाया गया था। विसर्जन स्थल पर भी पुलिस और फायर सर्विस के कर्मी मौजूद रहे।







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