0 शहर में घट रही घटनाएं
उरई। ई रिक्शा भीड़ भाड़ वाले इलाके में अभिशाप बनते जा रहे हैं और नाबालिग के हाथों में इसकी कमान सौंप दी गई है जिससे आए दिन सड़कपर हादसे हो जाते हैं और मौका पाकर ई रिक्शा चालक भाग खड़े होते हैं जबकि जगह-जगह पुलिस पिकेट लगी हुई है। वहीं एआरटीओ कार्यालय द्वारा कोई कार्रवाई न होने की वजह से जहां यातायात व्यवस्था की पंगु हो रही है वहीं हर दूसरे दिन आदमी चुटहिल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
शहर में यातायात को सुदृढ़ बनाने के लिए जहां कई बार योजनाएं बनी परंतु इन योजनाओं को अमलीजामा अब तक नहीं पहनाया गया। जब से आटो और ई रिक्शा का चलन शहर के विभिन्न-विभिन्न क्षेत्रों में चालू हुआ है उससे पैदल चलना भी भारी पड़ रहा है। ई रिक्शा अधिकांश दस से पंद्रह साल के बच्चे चला रहे हैं जिन्हें यातायात के न तो नियमों का कोई ज्ञान है। इतना ही नहीं वह इतनी तेज गति से चलते हैं किरोड़ पर जा रहा आदमी उसके लपेटे में आ जाता है और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचता है। ई रिक्शा हर चैराहे पर अपना अड्डा बनाए हुएहैं। सवारियों के चक्कर में वह जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं। दीपावली का समय नजदीक होने के कारण बाजार में भीड़ भाड़ रहती है। ऐसी परिस्थितियों में इन ईरिक्शा संचालकों का सिर्फ एक ही उद्देश्य रहता है कि वह किसी तरीके से पैसा कमाएं परंतु ई रिक्शा चलाने के भी नियम-कानून शासन द्वारा तय किए गए हैं। नाबालिग जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है वह धड़ल्ले से ई रिक्शा चलाते जाते हैं। जहां चैराहे-चैराहे पर पुलिस मोटर साइकिल चेकिंग करने का अभियान छेड़े हुए है और बिना हेलमेट और कागजों के इनके चालान कर दिए जाते हैं वहीं ई रिक्शा पुलिस की नजरों के सामने से गुजर जाते हैं और उनको रोका-टोका नहीं जाता है। इसकी वजह से जो बच्चे स्कूल ज्ञान के लिए जाना चाहिए उनके हाथों में उनके अभिभावकों ने ई रिक्शा की कमान सौंप दी है ताकि वह पैसा कमा सकेें। इतनी बड़ी खामी पर जिला प्रशासन चुप्पी साधे बैठा हुआ है और लगातार हादसों में इजाफा होता जा रहा है। वहीं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी से जब इस मामले में वार्ता की तो उन्होंने कहा कि इसके लिए एआरटीओ कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चेकिंग अभियान छेड़ा जाएगा और कोई अगर गलत ढंग से नियमों का उल्लंघन कर रहा है तो हर हाल में रोकने का प्रयास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कीमत पर नाबालिगों के हाथों में ई रिक्शा की कमान नहीं सौंपी जाएगी।

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