0 सीओ ने कसा अधीनस्थों को, कहा कि लोगों को हलकान करने की प्रवृत्ति से बाहर आयें
konch6कोंच-उरई। जनता की शिकायतें सुनने और उनके फौरी तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान की मंशा के तहत चलाये जाने वाले तहसील दिवसों और समाधान दिवसों की उपादेयता विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली के चलते कहीं न कहीं दरक रही है और अभी भी पिछले तहसील दिवसों की पेंडिंग पड़ीं शिकायतें इस बात की चुगली करती हैं कि इनके निपटान को लेकर अधिकारी कतई गंभीर नहीं हैं। यह स्थिति शासन की मंशा को पलीता लगाने बाली है और जनता न्याय पाने के लिये सालों भटकती ही रहेगी। एक बार फिर एसडीएम मुईनुल इस्लाम ने अधिकारियों को चेताया कि शिकायतों को गंभीरता से लें वरना उनकी शिकायत शासन में जायेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि समाधान की गुणवत्ता होनी चाहिये ताकि वह शिकायत दोबारा यहां पटल पर न आये।
एसडीएम मुईनुल इस्लाम की अध्यक्षता एवं सीओ एके शुक्ल व तहसीलदार भूपाल सिंह की मौजूदगी में आज निपटे तहसील दिवस में कुल 31 शिकायतें आईं जिनमें सबसे ज्यादा आपूर्ति विभाग की 8 शिकायतें दर्ज की गईं। आने बाली शिकायतों में पुलिस की 2, राजस्व की 4, समाज कल्याण की 3, नगर पालिका की 3, पीडब्ल्यूडी की 1, विद्युत विभाग की 3, जल निगम व जल संस्थान की 5 और विकलांग तथा प्रोविजन की एक-एक शिकायत बताई गई। पिछले तहसील दिवसों की 12 शिकायतों के लंबित पड़े होने को एसडीएम ने काफी गंभीर मानते हुये अधिकारियों को सुधर जाने की चेतावनी दी। सीओ अवधेश कुमार शुक्ल ने भी अपने अधीनस्थों को हिदायत दी कि लोगों को हलकान परेशान करने की प्रवृत्ति से बाहर निकल कर लोगों की मदद करें और उनकी समस्याओं का समाधान दिये गये समय में करें। इस दौरान आपूर्ति निरीक्षक रामस्वरूप, जेई विद्युत कन्हैयालाल, सेनेट्री इंसपेक्टर नपा अभय सिंह, बीईओ कोंच अजितकुमार, नदीगांव विजयबहादुर सचान, वन विभाग से भागीरथ कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
वाह री पुलिस, मरे के खिलाफ भी मिनी गुंडा एक्ट
konch7पुलिस की कार्यशैली पर आये दिन सवाल खड़े होना इस बात की तस्दीक करने बाली है कि वह अपनी मन मर्जी की मालिक है और जिसके खिलाफ चाहे उसके खिलाफ कुछ भी गुड़ का गोबर कर सकती है। चार महीने पहले ही मर चुके एक व्यक्ति के खिलाफ मिनी गुंडा एक्ट में कार्यवाही करना उसकी संवेदनशीलता पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाला है। इतना ही नहीं एक वृद्ध व्यक्ति के खिलाफ पुलिस का यह कहना कि थाना क्षेत्र में उसका आतंक है, हैरानी में डालने बाली सोच दर्शाने वाला कृत्य है। कैलिया थाना क्षेत्र के ग्राम देवगांव निवासी मैथिलीशरण पुत्र सीताराम ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पुत्र कल्लू की मौत गंगाराम अस्पताल दिल्ली में जुलाई माह में इलाज के दौरान हो गई थी इसके बाबजूद उसका नाम 110 (मिनी गुंडा एक्ट) की कार्यवाही में शामिल किया गया है। इसके अलावा स्वयं उसके तथा उसके दूसरे बेटे के खिलाफ भी पुलिस ने उक्त कार्यवाही की है जो नितांत ही गलत है। इस बाबत सीओ एके शुक्ल का कहना है कि ऐसी भूलें हो जाया करती हैं, गलती को थाना पुलिस ने सुधार लिया है।

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