कोंच-उरई। धन्नसेठों द्वारा अपनी काली कमाई को सहकारी बैंकों के मार्फत व्हाइट मनी में तब्दील करने की शुरुआत जब पकड़ में आई तो आरबीआई ने सहकारी बैंकों में जमा नहीं करने के फरमान जारी कर दिये। इसका खामियाजा छोटे खाताधारकों को उठाना पड़ रहा है। जेडीसी बैंक की दोनों स्थानीय शाखाओं के हजारों खाताधारक इस फरमान से खासे परेशान हैं। मुख्य शाखा के प्रबंधक श्यामकिशोर निरंजन का कहना है कि उनकी मजबूरी है, आदेशों में बंधे हैं। भुगतान को लेकर उनका कहना है कि बाहर से तो उनके पास कोई कैश आया नहीं है, जो उनके पास उपलब्ध है उससे छोटे मोटे भुगतान किये जा रहे हैं।







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