उरई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किसान दिवस पर खाद बीज की खरीद के लिए 500 और 1000 के नोट स्वीकार करने का आदेश समितियों को जारी करने की मांग की गई।
हर माह होने वाली किसान दिवस की बैठक को लेकर अपेक्षा यह की गई थी कि इस क्रम से किसानों से संबंधित विभागों पर दबाव बनेगा और वे उन्हें सहूलियत देने में कोई कसर नही छोड़ेगे। लेकिन यह कवायद फिलहाल किसान मुददे पर बुद्धि विलास का मंच बनकर रह गई है।
किसान दिवस की बैठकों में उठाई जाने वाली किसी समस्या का समाधान नही होता। जिसकी मिसाल विद्युत स्टोर के जेई अमित खरे की बिना सुविधा शुल्क लिए ट्रांसफार्मर न बदलने की आन में आज तक नही आ पाये किसी भी बदलाव में देखी जा सकती है।
इस महीने की आज आयोजित किसान बैठक में नोट बंदी की मार की कराह के आगे किसानों की सभी समस्यायें दबकर रह गईं। किसान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि खाद बीज खरीदने में पुराने नोट न चलने से खेती पर ब्रेक लग गया है। उन्होंने पुराने नोटों को खाद बीज की खरीद में एलाउ करने के लिए जिला प्रशासन से शासन को पत्र लिखने को कहा। इसके अलावा ढीले तार कसवाने, अमरोड़ पंप कैनाल सही कराने धान खरीद केंद्र खुलवाने और कोंच में मलंगा नाले की सिल्ट सफाई कराने की मांग की गई। जिले के किसी वरिष्ठ अधिकारी के मुख्यालय पर न होने की वजह से आज की बैठक की अध्यक्षता उपनिदेशक कृषि अनिल पाठक ने की। इसमें किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेता बलराम सिंह लंबरदार, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, किसान संघ के अध्यक्ष साहब सिंह चैहान और सुभाष दुबे मौजूद थे।







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