कुठौंद-उरई। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शेखपुर जागीर शाखा में कई बार उस समय उपद्रव और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई जब बैंक के अधिकारी और कर्मचारी नोट देने के मामले में मनमानी दिखाने लगे।
भारत सरकार के नोट बंदी के फैसले ने बैंकिंग के भ्रष्ट तंत्र के लिए सहालग का मौसम ला दिया है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शेखपुर अहीर स्थित शाखा में निकासी के लिए आ रहे ग्राहकों को बैंक अधिकारी और कर्मचारियों का फरमान था कि वे राउंड फिगर में ही विड्रोल भरें। अगर कोई ग्राहक ढाई हजार रुपये की निकासी की स्लिप देता था तो उसकी स्लिप लौटाकर कहा जा रहा था कि दो हजार की स्लिप बनाकर लाओ। दरअसल बैंक कर्मचारियों को दो हजार के नोट के अलावा किसी और नोट में भुगतान करना गंवारा नही था। जबकि 100 और 50 के फुटकर नोट केवल उन लोगों को दिये जा रहे थे जिनसे उन्हें कमीशन मिल रहा था।
बैंक कर्मचारियों के इस रवैये से क्षेत्रीय किसान खातेदार कई बार भड़के। गनीमत यह रही कि तनाव के बावजूद कोई फसाद नही हुआ। अगर खातेदार धैर्य खो देते तो बैंक कर्मचारियों ने बवाल कराने में कोई कसर छोड़ी नही थी।







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