कोंच-उरई । नोट बंदी के बाद फैली तमाम अफरा तफरी के बीच रोज रोज बदलते नियमों ने भी आम लोगों को काफी हलकान किया है। हालांकि अभी आम जिंदगी अभी पटरी पर नहीं लौट सकी है लेकिन बैंक शाखाओं के बाहर जरूर सन्नाटा सा पसरा है। वस्तुत: देखा जाये तो यह सन्नाटा भी तमाम अनकही कहानियां खुद ब खुद ही कह रहा है क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हर दिन कोई नया फरमान जारी कर आम आदमी के कष्टïों को बढाने का काम कर रहा है। आज का दिन सीनियर सिटीजंस के नाम था लेकिन यहां बैंक शाखाओं में उन्हें वह तबज्जो बिल्कुल नहीं मिली जो उन्हें मिलनी चाहिये थे लिहाजा उन्हें बैरंग अपने घरों को लौटना पड़ा। इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा ने जरूर इन बरिष्ठ नागरिकों के लिये अलग काउंटर की व्यवस्था कर उनके काम किये।

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज का दिन बरिष्ठ नागरिकों के लिये मुकर्रर किया था और सिर्फ उन्हें ही करेंसी एक्सचेंज की सुविधा के अलावा खाताधारकों की जमा निकासी के साथ साथ बैंकों को अपने बैंकिंग के कार्य निपटाने के लिये कहा गया था। आज बैंक शाखाओं में कई वृद्घ ऐसे मिले जो मायूस थे और उन्हें आज खासतौर पर मिलने बाली सुविधा का लाभ नहीं मिला था। एसबीआई मेन ब्रांच में हल्की फुल्की कतार आज भी लगी थी और उसी में फंसी थी सत्तर बर्षीय शारदा जो धक्के खाकर बिना करेंसी बदले ही अपने घर लौट गईं। कमोवेश ऐसा ही हाल जगदीश सिंह का रहा जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर अंदर लिया जाना चाहिये था लेकिन धक्का मुक्की में वह गिर पड़े और चुटहिल हो गये। वह भी बिना करेंसी एक्सचेंज कराये अपने घर लौट गये।
शादी बाली गाइड लाइन आने से मुश्किलें कम होंगीं

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हैरान परेशान नागरिकों की मुश्किलें इस लिये भी बढती जा रही हैं कि रिजर्व बैंक जो फरमान जारी करता है उसका सर्कुलर समय पर देश के अन्य बैंकों में नहीं पहुंचने के कारण क्रियान्वयन में दिक्कतें आ रहीं हैं। शादी के लिये ढाई लाख के प्रावधान का सर्कुलर आ जाने के बाद शायद मुश्किलें कुछ कम होंगी। इलाहाबाद बैंक शाखा के मैनेजर से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हां, सर्कुलर आ गया है और जो भी व्यक्ति कागजी औपचारिकतायें पूरी करके उनके बैंक शाखा में आते हैं तो उन्हें ढाई लाख तक भुगतान किये जाने में कोई दिक्कत नहीं है।

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