उरई, : बड़े नोट बदलने के लिए मारामारी का आलम है। किसी न किसी तरह से लोग नोट बदलना चाह रहे हैं। आम आदमी को खर्च के लिए पैसे की जरूरत महसूस हो रही है। भीड़ भाड़ को देखते हुए लोगों के सामने एटीएम ही एक मात्र सहारा है लेकिन हालत यह है कि दो तीन एटीएम को छोड़कर कोई एटीएम चल ही नहीं रहा है जिससे परेशानी बढ़ गयी है। जो एटीएम संचालित हैं उनमें इस कदर लाइन लग रही है कि घंटों लगे रहने के बाद भी जरूरी नहीं है कि पैसा निकल ही आयेगा।

पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करने के बाद अफरा तफरी का आलम है। लोग नोट जमा करने के लिए परेशान हो रहे हैं तो तमाम लोग खर्च के लिए पैसा निकालने की जुगत में लगे हैं जिसके चलते बैंकों में भारी भीड़ हो रही है। जिन लोगों को कम पैसे की आवश्यकता है वह एटीएम में लगकर पैसा निकालना चाहता है लेकिन सभी एटीएम संचालित नहीं हो रहे हैं। दो तीन एटीएम चल भी रहे हैं तो उनमें इतनी अधिक भीड़ हो रही है कि घंटों खड़े रहने के बाद भी पैसा नहीं मिल पाता है। तमाम लोगों का नंबर आते आते पैसा खत्म हो जाता है। इससे लोगों को निराश होना पड़ता है। भीड़ में धक्का मुक्की सहने के बाद भी पैसा नहीं मिलता तो लोग परेशान हो जाते हैं।
जिम्मेदार बोले
जिले के कुछ एटीएम संचालित हो रहे हैं। अधिकांश एटीएम में दो हजार और पांच सौ रुपये रखने का सिस्टम अभी नहीं बन पाया है चूंकि यह नई करेंसी है। केवल सौ के नोट ही एटीएम में रखे जा रहे हैं। जितने नोट सौ के मिलते हैं उनको एटीएम में भेज दिया जाता है जिसके चलते पैसा जल्दी खत्म हो जाता है। यह समस्या कुछ दिनों की ही है। – पुलक कुमार राय अग्रणी जिला प्रबंधक।





Leave a comment