जालौन-उरई । कोआॅपरेटिव बैंक में 500 व 1000 के नोट न लिए जाने तथा मात्र 4 हजार रूपए की निकासी किए जाने के चलते कोआॅपरेटिव बैंक के ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जालौन डिस्ट्रिक्ट कोआॅपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक संजीव कुमार शुक्ला बताते हैं कि रिजर्व बैंक द्वारा सहकारी बैंकों पुराने नोट बदलने या जमा करने से बाहर रखा गया है। इसलिए वह शाखा में 500 व 1000 रूपए के पुराने नोट न तो जमा करा रहे हैं और न ही उन्हें बदला जा रहा है। उन्होंने बताया कि हालांकि उनकी शाखा से रूपयों की निकासी की जा रही है। ग्राहकों को 24 हजार रूपए तक की निकासी किए जाने का निर्देश भी उन्हें प्राप्त हुआ है। लेकिन अभी उनके हेड आॅफिस से पर्याप्त मात्रा में धन नहीं आ पा रहा है जिसके चलते वह ग्राहकों को मात्र चार हजार रूपए की निकासी कर रहे हैं। वहीं, कोआॅपरेटिव बंैक के खाताधारकों में मनोज कुमार, जाफर सिद्दीकी, जहांगीर आलम बताते हैं कि मालूम चला है कि कोआॅपरेटिव बैंकों में राजनेताओं द्वारा बड़े पैमाने पर घोटाले किए गए हैं। परंतु इसकी कीमत उन्हें क्यों चुकानी पड़ रही है। वह बताते है कि उनका खाता सिर्फ कोआॅपरेटिव बैंक में ही है ऐसे में वह बैंक में न तो अपने रूपए जमा कर पा रहे हैं और न ही उनके खाते से उन्हें पर्याप्त धनराशि निकालने दी जा रही है। इसके अलावा बैंक में नोट न बदले से भी उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब उन्हें अपने 500 व 1000 के पुराने नोट बदलवाने अथवा जमा कराने के लिए किसी अन्य बैंक में खाता खुलवाना पड़ेगा। इस समय बैंकों में इतनी भीड़ चल रही है कि अन्य बैंकों में खाता खुलवाने में भी काफी दिक्कत आ रही है। ऐसे में उनकी स्थिति तो आगे कुआं पीछे खाई वाली हो चुकी है। कोआॅपरेटिव बैंक के खाताधारकों ने आला अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि उन्हें उनकी भी समस्या को समझना चाहिए और ऐसी कोई व्यवस्था बनाई जाए जिससे उनके भी रूपए जमा हो सके तथा बदले जा सकें।

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