01orai02उरई। उत्तर प्रदेश कांगे्रस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक संतराम नीलांचल के प्रयासों से दलित वोट बैंक की कांग्रेस में वापसी की मुहिम रफ्तार पकड़ चुकी है। इसके मददेनजर नीलांचल ने रविवार को अनुसूचित जाति विभाग और कांग्रेस में तेज तर्रार चेहरों को अहम जिम्मेदारियां दिलवाईं। जिससे वे अपने अभियान को और गति दे सकें।
संतराम नीलांचल ने इसके पहले शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वाभिमान यात्रा के माध्यम् से कमजोर वर्गों में ऐसा संदेश पहुंचाया है। जिससे कांग्रेस के प्रति उनका पुराना लगाव जिंदा हो सके। इसमें मिली कामयाबी के बाद उन्होंने रविवार को घोषणा की कि उनकी यात्रा का समापन 10 जनवरी को लखनऊ में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पर होगा जिसमें प्रदेश प्रभारी गुलाम नवी आजाद, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद चैधरी आशीर्वाद देने के लिए उपस्थित रहेंगे। इसमें अधिक से अधिक भागीदारी के लिए उन्होंने संगठन के ताने-बाने को मजबूत करने के प्रयास शुरू कर दिये हैं।
इस क्रम में अनुसूचित जाति विभाग में आलोक अहिरवार को उन्होंने जिला उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा है जबकि शहर कांग्रेस कमेटी में उनकी संस्तुति पर बुंदेलखंड केसरी कृष्णा पहलवान के नाती संतोष चैहान दाऊ जी को उपाध्यक्ष बना दिया गया है। पत्रकार वार्ता मे अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष महेश्वर सिंह दोहरे भी मौजूद थे।
संतराम नीलांचल ने कहा कि दलितों की ठेकेदारी करने वाली पार्टियों की हकीकत लोगों के सामने उजागर हो चुकी है। इन पार्टियों ने दलितों के उत्थान के लिए कोई सार्थक कदम उठाने की बजाय अपनी जेबें भरने और वैभव बढ़ाने में उनके समर्थन का उपयोग किया है और दलित समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग कर दिया है। जाहिर है कि ऐसी हालत में सरकारी नौकरियों में आरक्षण से लेकर पंचायतों और नगर निकायों तक में आरक्षण के माध्यम् से उन्हें जमीनी स्तर पर नेतृत्व सौंपने के कांग्रेस के योगदान दलित समाज को बहुत शिददत से याद आ रहे हैं। कांग्रेस का अनुसूचित जाति विभाग पूरे प्रदेश में इस बदलाव को सहेज कर दलित समाज की घर वापसी का तार्किक आधार तैयार कर रहा है।

Leave a comment