उरई। मवेशियों के लिए भूसा के स्वाद को लजीज बनाने की योजना राज्य सरकार ने पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम् से शुरू की है। जिले में 245 पशु पालकों को इस योजना का लाभ दिया जायेगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एस.के. शाक्य ने बताया कि योजना में शर्त है कि इसका लाभ केवल लघु सीमांत श्रेणी के ही उन किसानों को दिया जायेगा जिनके पास कम से कम दो भैंस या गाय हों। हर गांव से इसके लिए आवेदन आमंत्रित किये गये हैं लेकिन एक गांव से केवल एक लाभार्थी चुना जाना है। लाभार्थियों के चयन के लिए समिति गठित की गई है जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी होगें जबकि उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव रहेगें। संबंधित खंड विकास अधिकारी या उसके द्वारा नामित सदस्य और ब्लाॅक के पशु चिकित्साधिकारी भी समिति में शामिल माने जायेगें।
उन्होंने बताया कि भूसा मवेशियों को बेस्वाद लगता है जिसकी वजह से मवेशी इसे पूरी तरह खाने में रुचि नही दिखाते। योजना का उददेश्य भूसा को इस तरह उपचारित करना है कि मवेशी चाव के साथ उसे खाने लगें। उपचारित भूसे में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने की भी विधि शामिल है जिससे पशु सेहतमंद होगे और ज्यादा दूध देगें। चयनित लाभार्थियों को तकनीकी निर्देशिका 10 लीटर की क्षमता का स्प्रिंगलर और दो प्लास्टिक सीट निःशुल्क मिलेगीं।

Leave a comment

Recent posts