
उरई। गोरखपुर से त्रिवेंद्रम जा रही राप्तीसागर एक्सप्रेस को शरारतीतत्वों ने पलटाने की साजिश रच दी। उरई से झांसी की ओर जा रही यह ट्रेन को भुआ स्टेशन के पहले रेलवे ट्रैक पर रखी फिश प्लेट से टकरा गई। जिससे ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। किसी तरह इंजन भुआ स्टेशन पर पहुंचा और वहां खराब हो गया। वहां पहुंचकर जब ट्रेन चालक ने मामले की जानकारी झांसी मंडल के अधिकारियों को दी तो वहां हडकंप मच गया। इस मामले की गूंज उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मुख्यालय तक भी पहुंच गई। इस पर आज(शनिवार) जांच करने के लिए एनसीआर के प्रमुख मुख्य अभियंता (पीसीई) आ रहे हैं। वह इस बात की बारीकी से जांच करेंगे कि इसमें किसी शरारतीतत्व का हाथ है या फिर कोई आतंकी साजिश तो नहीं है। या फिर इसमें रेल कर्मचारियों की लापरवाही है।

मालूम हो कि गोरखपुर से चलकर त्रिवेंद्रम जा रही ट्रेन नंबर 12511 राप्तीसागर एक्सप्रेस गुरुवार की शाम सात बजकर 11 मिनट पर उरई स्टेशन से झांसी के लिए रवाना हुई। जब यह टे्रन भुआ स्टेशन से तीन किलोमीटर पहले पहुंची तो वहां पटरी पर चार फिश प्लेट रखी हुई थी। जिससे यह गाड़ी टकरा गई। जिसमें एक फिश प्लेट उछलकर दूर जा गिरी। जबकि दूसरी फिश प्लेट के टकराने से इंजन का गियर केस टूट गया। जिससे उसका आयल रिसने लगा। किसी तरह राप्तीसागर ट्रेन भुआ स्टेशन पर शाम सात बजकर 36 मिनट पर पहुंची। इस दौरान चेहरों में दहशत व परेशानी के भाव थे। भुआ स्टेशन पहुंचकर इंजन खराब हो गया। इस पर ट्रेन चालक एनआर कुशवाहा ने इसकी सूचना कंट्रोल रुम व भुआ स्टेशन पर तैनात उप स्टेशन अधीक्षक रुपेश कुमार को दी। मामले को गंभीरता से लेकर अधिकारियों में हडकंप मच गया। तत्काल भुआ स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी का इंजन लगाकर राप्तीसागर को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
इस मामले की गूंज एनसीआर मुख्यालय तक पहुंच गई है। एनसीआर इलाहाबाद के प्रमुख चीफ इंजीनियर (पीसीई) संजीव राय आज इस मामले की हकीकत जानने को घटनास्थल पर आ रहे हैं। इस मामले को लेकर तमाम आशंकाएं व्यक्त की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकी साजिश के मद्देनजर जांच करने में जुट गई है।
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इंजन टकराने से भयभीत हो गए यात्री
उरई। उरई से चलकर जब ट्रेन रेलवे किलोमीटर 1232/24 पर पहुंची। तभी वह ट्रैक पर रखी चार फिश प्लेटों से इंजन टकरा गया। इससे इंजन में हल्का झटका लगा। हालांकि टै्रक पर रखी फिशप्लेट उछलकर दूर जा गिरी थी। सिर्फ एक फिशप्लेट ही इंजन से टकराई थी। जिससे ट्रेन में हल्का झटका लगा। इससे पहले यात्री कुछ समझ पाते। ट्रेन किसी तरह चलकर भुआ स्टेशन पर पहुंच गई। वहां जब यात्रियों को घटना की जानकारी लगी तो वे हादसे की सोचकर बुरी तरह सिहर गए।
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हादसे से दो घंटे और लेट हो गई ट्रेन
उरई। पहले से ही निर्धारित समय से करीब चार घंटे देरी से चल रही राप्तीसागर एक्सप्रेस इस हादसे के चलते दो घंटे और लेट हो गई। भुआ स्टेशन पर शाम 7.36 बजे पहुंचने के बाद यह ट्रेन वहां से रात 9.28 बजे इंजन बदलने के बाद रवाना हो सकी। चूंकि भुआ स्टेशन पर पहले से मालगाड़ी खड़ी थी। इस मालगाड़ी का इंजन राप्तीसागर में लगाया गया। जब जाकर ट्रेन आगे बढ़ी। इस हादसे के चलते कई ट्रेनें लेट भी हो गई।
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निर्माण संस्था की भी हो सकती है लापरवाही
उरई। चूंकि झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण का काम चल रहा है। यह काम रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा कराया जा रहा है। सूत्र बताते है कि काम कराने वाली संस्था ने ही ट्रैक बिछाने के लिए फिश प्लेट रखी थी। वहां कोई चैकीदार नहीं था। ऐसे में किसी की भी शरारत हो सकती है।
फोटो-2-स्टेशन पर जांच करती एसीएम सीमा तिवारी






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