कोंच-उरई । श्री नवलकिशोर रामलीला समिति बजरिया द्वारा जारी रामलीला महोत्सव में बीती रात भरत मनौआ लीला का मंचन किया गया। चित्रकूट पहुंचे भरत का भ्रातृप्रेम देख राम ने अयोध्या का राज सिंहासन स्वीकार करने का आग्रह स्वीकार तो कर लिया लेकिन पिता के वचनों को निभाने के लिये चौदह बर्ष बीतने से पूर्व अयोध्या का राज्य भरत को ही संभालने के लिये नियुक्त कर दिया। उन्होंने प्रतीक स्वरूप अपनी पादुका भरत को प्रदान कीं। उक्त प्रसंग बीती रात्रि रामलीला रंगमंच पर भरत मनौआ लीला में मंचित किया गया। राम-भरत का मिलन देख दर्शक समुदाय की आंखें छलक पड़ीं। भरत ने अयोध्या लौट कर प्रभु की पादुका सिंहासन पर प्रतिष्ठित कर राज्यकार्य प्रारम्भ कर दिये। बशिष्ठ का किरदार पंकज वाजपेयी, सुमंत्र लला पटैरया, निषादराज मोनू ठाकुर, इंद्र सीताराम नगरिया, बृहस्पति विनोद राही, कूबरी धर्मेन्द्र पाल, कौशल्या सोनू दुवे, सुमित्रा कपिल नायक, कैकई रवि वाजपेयी ने निभाया। अभिनय विभाग के मंत्री हरीमोहन तिवारी ने बताया है कि कल 1 नवंबर को रात्रि ठीक आठ बजे रामलीला रंगमंच पर मारीच बध व सीता हरण लीला का मंचन किया जायेगा।

 

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