रामपुरा-उरई। रामपुरा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिद्धपुरा में मोटी सुविधा शुल्क लेकर प्रधान एवं सचिव के द्वारा अपात्रों को प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत आवास बांट डाले। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में कुल 31 आवासों में से 21 लाभार्थी अपात्र पाए गए।
जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना की मूल भावना का ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिवों द्वारा खुलेआम मजाक उड़ाया जा रहा है। गरीब, कमजोर लोगों के लिए संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ऐसे लोगों का चयन करने के निर्देश है जिनके कच्चे मकान है या फिर जो अपना पक्का मकान बनाने की सामथ्र्य नही रखते। इसके लिए शासन एवं प्रशासन से कडे़ दिशा निर्देश दिए गए है कि आवास लाभार्थियों का चयन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में किया जाए। लेकिन रामपुरा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिद्धपुरा के प्रधान जगराम एवं सचिव योगेश प्रकाश सोनी ने शासनादेशों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की गाइडलाइन को भी पलीता लगा दिया। सिद्धपुरा ग्राम पंचायत में 31 आवास स्वीकृत किए गए थे। अपात्रों को आवास बांटे जाने की शिकायत जब जिलाधिकारी से की गई तो मौके पर जांच करने पहुंचे एडीओ आईएसबी सुरेन्द्रनाथ पाल को जांच के दौरान 21 अपात्र मिले। जांच में यह भी पाया गया कि ग्राम प्रधान जगराम एवं पंचायत सचिव योगेश प्रकाश सोनी के द्वारा अपात्रों से मोटी सुविधा शुल्क देकर आवासों का आवंटन किया गया है। इस पर खंड विकास अधिकारी रामपुरा के द्वारा पंचायत सचिव योगेश प्रकाश सोनी को अपात्रों के आवास निरस्त करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन पंचायत सचिव ने खंड विकास अधिकारी के आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया। ग्राम पंचायत सिद्धपुरा के लोगों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए अपात्रों के आवास निरस्त कर प्रधान एवं सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।







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