
कोंच-उरई । श्री नवलकिशोर रामलीला समिति बजरिया के तत्वाधान में जारी रामलीला महोत्सव में बीती रात्रि रामलीला मंच पर मारीच बध-सीता हरण लीला का मंचन किया गया। सूर्पणखा के नाक कान काटे जाने के बाद लंकाधिपति रावण अपने मायावी मामा मारीच को स्व्र्ण मृग बना कर पंचवटी भेजता है। सीता स्वर्ण मृग देख उसकी चर्म लाने का अनुरोध राम से करती हैं। राम मृग के पीछे जाते हैं और उसका बध कर देते हैं। मरते मरते मारीच राम के स्वर में आर्तनाद करता है तो सीता लक्ष्मण को उनकी सहायता के लिये भेज देती हैं। इसके पश्चात् रावण ब्राह्मïण वेश में आकर सीता का हरण कर ले जाता है। मारीच का अभिनय सीताराम नगरिया, रावण लला वाजपेयी, खर मोनू ठाकुर, दूषण धर्मेन्द्र पाल, सूर्पणखा रामप्रकाश पाटकार, जटायु चंदनसिंह यादव ने निभाये। अभिनय विभाग के संयोजक चंदनसिंह यादव ने बताया है कि कल 3 नवंबर को रात्रि ठीक आठ बजे रामलीला रंगमंच पर लंका दहन लीला का मंचन किया जायेगा।







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