उरई। गुरुवार को नाम वापसी का समय समाप्त होने के साथ ही नगर पालिका चुनाव का कुरुक्षेत्र सज गया है। प्रमुख दलों के बागियों द्वारा नाम वापस न लेने से चुनावी महाभारत में दल के सिम्बल पर युद्ध लड़ रहे महारथियों को सबसे पहले अपनो से ही जूझना होगा।

नाम वापसी पर आज लोगों की टकटकी लगी हुई थी। अपने को असली भाजपा साबित करने में सफल हो रहे अनिल बहुगुणा की नाम वापसी के लिए पार्टी के कर्ताधर्ताओं की ओर से दिखावे भर के प्रयास हुए जिसका कोई नतीजा न निकलना पहले से तय था। जबकि सपा और बसपा के खेमें में बागियों का कोई भाव नही समझा गया। जिसकी वजह से उन्हें पर्चे वापस करने के लिए मनाने की कोई कोशिश भी नही हुई। सात लोगों द्वारा पर्चा वापस लिए जाने के बाद उरई नगर पालिका में अध्यक्ष पद के 22 उम्मीदवार मैदान में रह गये हैं।

इन्होंने लिए पर्चे वापस- दिलीप सेठ, विनोद शिवहरे, विनोद कुमार, हरीओम शिवहरे, मोती देवी, प्रमोद कुमार, छत्रपाल।

मैदान में बचे पार्टियों के अधिकृत उम्मीदवार- आशीष चतुर्वेदी (कांग्रेस), ज्ञानेंद्र निरंजन (सपा), दिलीप दुबे (भाजपा), रईस खान (बसपा)

बागी उम्मीदवार- अनिल बहुगुणा (भाजपा), अवधेश निरंजन (बसपा), देवेंद्र यादव (सपा), लक्ष्मणदास शिवहरे (सपा)

उरई नगर पालिका के 15 वार्ड उम्मीदवारों ने भी आज पर्चें वापस ले लिए। उधर कोटर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के किसी प्रत्याशी का पर्चा वापस नही हुआ।

 

Leave a comment