उरई। गर्दिश के दिनों में भी कांग्रेसी गुटबाजी की बीमारी से नही उभर पा रहे हैं। नगर निकाय के चुनाव में लगभग पूरे जिले में इसके कारण पार्टी की दुर्दशा देखी जा रही है। नदीगांव में नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए घोषित पार्टी के प्रत्याशी ने बिना इजाजत मैदान छोड़ दिया तो कालपी में पार्टी के एक बड़े गुट ने अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ बिगुल बजाते हुए समानान्तर उम्मीदवार मैदान में उतार दिया है।

वैसे तो कांग्रेस में लगभग पूरे जिले में गुटबाजी की छाया मंडरा रही है। लेकिन कालपी में स्थिति नगर निकाय चुनाव के दौरान अधिक गंभीर हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष के नजदीकी समझे जाने वाले पूर्व ब्लाॅक प्रमुख सुरेंद्र सिंह सरसेला ने अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर गुड़िया सोनकर को उम्मीदवार बनवा दिया। जिसके बाद पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी ने सीमा जाटव को उनके खिलाफ मैदान में उतार डाला। उन्होंने बसपा के असंतुष्ट पूर्व विधायक छोटे सिंह चैहान को साथ लेकर सीमा जाटव के पक्ष में शुक्रवार को हंगामी जनसंपर्क अभियान चलाया। तांकि सुरेंद्र सिंह सरसेला को नीचा दिखाया जा सके।

इसकी प्रतिक्रिया में शनिवार को सुरेंद्र सिंह सरसेला भी गुड़िया सोनकर की स्थिति मजबूत करने के लिए कमर कसकर मैदान में कंूद पड़े। उन्होंने रावगंज, मनीगंज, रामगंज आदि मोहल्लों में घूम-घूम कर गुड़िया सोनकर के लिए मत याचना की। इस दौरान मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में पीस पार्टी के प्रदेश सचिव मो. इस्लाम अंसारी की अपील भी वितरित कराई गई जिसमें उन्होंने गुड़िया सोनकर को समर्थन देने की अपील की है। इसी क्रम में शनिवार को ही जुलहैटी रोड पर सुरेंद्र सरसेला ने गुड़िया सोनकर के चुनाव कार्यालय का शुभारंभ कराया।

 

 

Leave a comment