उरई। पुखरायां में हुए इंदौर पटना ट्रेन हादसे में रेलवे की लापरवाही सामने आई है क्योंकि आतंकी कनेक्शन की जांच करने वाली जांच एजेंसी एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने साफ कर दिया है कि इस हादसे में आतंकी वारदात के सबूत नहीं मिले है। यह रेलवे की लापरवाही है।
मालूम हो कि 20 नवंबर 2016 की रात इंदौर से पटना जाने वाली इंदौर पटना एक्सप्रेस पुखरायां स्टेशन के पास डिरेल (बेपटरी) हो गई थी। इस हादसे में करीब 152 लोगों की जान गई थी और तीन सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में तत्कालीन डीआरएम एसके अग्रवाल का तबादला करते हुए पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी। जीआरपी ने इसे आपराधिक मामला बताते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी। मौके पर आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
इसी बीच रेल अधिकारियों ने मामले में आतंकी कनेक्शन बताया था। इस पर सरकार ने मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। लगभग एक साल चली जांच के बाद एनआईए ने यह कहकर जांच की दिशा बदल दी कि मामले में आतंकी कनेक्शन के सबूत नहीं मिले है। इस मामले में रेलवे के स्तर पर ही लापरवाही बरती गई है।
इस बाबत झांसी मंडल के डीआरएम एके मिश्रा का कहना है कि हां आतंकी कनेक्शन के कोई सबूत नहीं मिले है। अब यह जांच मुख्य संरक्षा आयुक्त लखनऊ परिमंडल एसके पांडेय कर रहे हैं। जैसे ही वह रिपोर्ट देंगे। उसी के अनुसार एक्शन लिया जाएगा।
ट्रेनों की लेटलतीफी से ज्यादा यात्री सुरक्षा महत्वपूर्ण-मिश्रा
कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी से ज्यादा महत्वपूर्ण यात्रियों की सुरक्षा है। ट्रेन भले ही लेट चले लेकिन यात्री सुरक्षित घर पहुंच जाए। यही रेलवे का लक्ष्य है। यह बात डीआरएम झांसी मंडल एके मिश्रा ने उरई स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में कही।
डीआरएम मुंबई से प्रतापगढ़ की ओर जाने वाली ट्रेन नंबर 12173 उद्योगनगरी में लगे स्पेशल कोच से झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर रहे थे। उरई में ट्रेन स्टापेज के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे मानते है कि कोहरे से ट्रेनें बहुत लेट चल रही है लेकिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ट्रेन व यात्री सकुशल गंतव्य तक पहुंच जाए। पुखरायां से भीमसेन के बीच खराब ट्रैक को तेजी से बदला जा रहा है। फिलहाल ट्रेनों को काशन आर्डर (सतर्कता आदेश) देकर चलाया जा रहा है।
बीते 31 अक्टूबर तक झांसी से पारीछा तक रेलवे ट्रैक को पूरा कर ट्रेन दौड़ाने की मियाद समाप्त होने के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि रेलवे की तरफ से काम लगभग पूरा हो गया है। पूरी रिपोर्ट मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) एसके पांडेय के पास भेज दी गई है। जैसे ही वह ट्रैक का निरीक्षण कर हरी झंडी दिखा देंगे, ट्रेनें दौड़ा दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी 31 मार्च तक यह काम हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
एक नवंबर को लागू की गई समय सारिणी के बोर्ड अब तक स्टेशनों पर न लगाए जाने के सवाल पर कहा कि बोर्ड बन गए है, जल्द ही स्टेशनों पर लगवाए जा रहे है। श्री मिश्रा ने झांसी कानपुर ट्रैक पर बिना गार्ड के जलपाईगुडी जाने वाली मालगाड़ी चलाए जाने के सवाल पर कहा कि दिन में बिना गार्ड के मालगाड़ी को चलाए जाने की अनुमति है। रात में मालगाड़ी में जरूर गार्ड चलेगा।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में रेलवे स्टेशन पर रैनबसेरा के लिए पालिका प्रशासन से बात की जाएगी। रेलवे स्टेशन के बाहर अतिक्रमण को जल्द हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
यह आरवीएनएल अधिकारी ही बेहतर बताएंगे
झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के काम में उसरगांव से भीमसेन के बीच काम करने वाली निर्माण एजेंसी के काम अधूरा छोडकर भाग जाने के सवाल पर डीआरएम ने पल्ला झाड़़ते हुए कहा कि यह काम रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) करा रहा है। इस सवाल के बारे में आरवीएनएल अधिकारी ही बेहतर बता सकते है।
आरएमएस बिल्डिंग पर जल्द कार्रवाई होगी
रेलवे डाक सेवा (आरएमएस) सेवा बंद होने के बावजूद डाक विभाग रेलवे की बिल्डिंग का उपयोग कर रहा है। आज जब यह मुद्दा डीआरएम के सामने उठाया गया तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इस बिल्डिंग को खाली कराकर रेलवे के उपयोग में लाने की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेनों में चोरी गंभीर मामला
ट्रेनों में लगातार बढ़ रही चोरियों और उसका खुलासा न होने को गंभीर बताते हुए डीआरएम ने कहा कि मामला गंभीर है। इस बारे में वह संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समस्या निदान किया जायेगा ।






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