उरई। जिले के उच्चाधिकारियों की उदासीनता और अकर्मण्यता के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली चरमरा गई है। जिससे गरीबों में हाहाकार मचा हुआ है।

कोटेदार किस कदर बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं इसका एक नमूना रामपुरा विकास खंड के ग्राम बहराईं में देखने को मिला। जहां से आज लोडरों में भरकर लगभग 50 ग्रामीण आये। ग्रामीणों में पात्र गृहस्थी कार्ड धारक और अंत्योदय कार्ड धारक शामिल थे। इन लोगों ने बताया कि कोटेदार ने महीनों से उनको न राशन दिया है और न कैरोसिन। पूर्ति निरीक्षक अमोल सिंह चैहान का खुला संरक्षण कोटेदारों को प्राप्त है और उच्चाधिकारियों की सेवा में अमोल सिंह का जबाव नही है। जिसकी वजह से उनके कार्य क्षेत्र में कोई खलल नही डालता। बहराईं के लोगों की गुहार से जिले के अधिकारी भी पसीजेगें इसमें संदेह नही है क्योकि उन पर भी अमोल सिंह की सेवा का बड़ा प्रभाव रहता है।

उधर कोंच तहसील के बसीठ गांव के कोटेदार कैलाश सिंह ने भी इसी तरह से धांधली मचा रखी है। वह कार्ड धारकों को भगा देता है और कोटा काला बाजार में बेच लेता है। दर्जनों की संख्या में आये ग्रामीणों ने उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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