हरदोई(उरई )। सांसद भानुप्रताव वर्मा ने ग्राम हरदोई गुजर को इस उद्देश्य से गोद लिया था कि यहां का समग्र विकास करके एवं बेरोजगार युवाओं को स्वयं सहायता समूहों के जरिये रोजगार से जोड़कर इसे प्रदेश में एक आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित करायेगे। ताकि विकास के नाम पर इस गांव की पहचान दूर तक देखी जा सके। इसके लिए सांसद बराबर प्रयासरत है उनके विकास कार्यो को धरातल पर देखा भी जा सकता है।

इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व यहां के माहौल को बिगाड़ने में लगे हुए है। पिछले दो दशकों से इस गांव में जुआ व नशा का ऐसा मकड़जाल फैला हुआ है इससे यहां का हर चैथा परिवार प्रभावित है। जुआ के चक्कर में यहां अब तक एक सैकड़ा लोग तबाह हो चुके है। जुआ की हारजीत की बाजी में कर्जदार होकर यहां से पलायन कर चुके है। ताज्जुब की बात तो यह है कि इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी इसे रोकने की पहल नही कर सके। जुआ रूपी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने वाली पुलिस ऐसे स्थानों से नजराना भी वसूलने में पीछे नही है। जो कल तक लाखों करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे आज उनके बच्चे दाने-दाने के लिए मुहजात है ये भी आश्चर्य की बात है कि जब नन्हे मुन्नों के हाथों में कापी कितावों की जगह हाथों में ताश की गड्डी देखी जाती है।

यहां पर खुले आम गांजा चरस जैसे घातक नशों की खुली बिक्री हो रही है गांजा चरस को बेचकर जहां लाखों कमाये जा रहे है तथा नई पीढी को नशा में उतारकर उनकी सेहत व भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है। एक आंकडे़ के अनुसार यहां पर घातक नशा के आदी बने करीब एक दर्जन व्यक्ति असमय ही मृत्यु के कारण बने जैसे शिववीर यादव, मुन्ना यादव, नत्थू तिवारी, प्रमोद तिवारी, वंशीधर राठौर, तुलसीराम प्रजापति, कैलाश शर्मा सहित कई युवा भी इस नशे से अपना जीवन गवां चुके। ग्राम के बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों तथा वरिष्ठ नागरिकों समेत जनपद के वरिष्ठ भाजपा नेता रामप्यारे तिवारी ने यहां फैली इस समाजिक बुराई के बारे में संबंधित अधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को कई बार लिखित, मौखिक व समाचार पत्रों द्वारा अवगत कराया लेकिन अभी तक उनके द्वारा ऐसे कदम नही उठाये गये जिससे यहां के वासियों को लगे कि पुलिस इस बुराई को जड़ से खत्म करने को तत्पर है।

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