उरई। डीएम और एसपी ने एतिहासिक नगरी कालपी के पर्यटकीय विकास के लिए क्षेत्रीय विधायक के आवास पर बुद्धिजीवियों के साथ विचार विमर्श किया।

कालपी में धार्मिक और एतिहासिक पर्यटन की प्रचोर संभावनाएं प्रचीन स्थान और इमारत होने की वजह से है। मंगलवार को तहसील दिवस में भाग लेने पहुंचे जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर तथा पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने इसके मददेनजर मोहल्ला अदलसराय स्थित क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन के आवास पर बुद्धिजीवियों से इस बाबत चर्चा की। इसमें चैरासी गुबंद, चंदेल कालीन दुर्ग, यमुना नदी के प्राचीन घाट, व्यास मंदिर, सूर्य मंदिर, खानकाह शरीफ, श्री दरवाजा और ब्रिटिश कालीन कब्रिस्तान आदि स्थानों का विकास और उनके संरक्षण की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में एमएल जादौन का कहना था कि अगर सभी स्मारकों को संरक्षण मिल जाये तो तमाम पर्यटक तथा तीर्थ यात्री निरंतर कालपी आ सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अगली बार कालपी आगमन पर वे स्वयं व्यास मंदिर से लेकर सूर्य मंदिर तक नाव के माध्यम से यमुना की जलधारा से पहुंचेगें। इस मौके पर उपजिलाधिकारी सतीश चंद्र, पुलिस उपाधीक्षक सुबोध गौतम, युवराज सिंह, अमित पांडेय, अखिलेश तिवारी, सिद्धू तिवारी, भारत सिंह यादव सभासद, बिटटू चतुर्वेदी, जगत यादव, शिवपाल सिंह प्रधान, राघवेंद्र सिंह जादौन एडवोकेट के साथ बुद्धिजीवीगण मौजूद रहे। बाद में सभी लोगों ने मकर सक्रांति की खिचड़ी का जमकर लुफ्त उठाया।

 

 

 

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