कोंच(उरई )। कोंच क्षेत्र की सबसे बड़ी किसान सहकारी समिति जुझारपुरा सहकारी समिति का चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और शनिवार को पहले दिन इस चुनावी प्रक्रिया के नामांकन के दिन कई दावेदारों ने अपने अपने समर्थकों के साथ आकर अपना अपना नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी के समक्ष देकर चुनाव को रोमांचक बनाया इस नामांकन की जानकारी देते हुए चुनाव अधिकारी राजेश कुमार तिवारी और प्रबंध निदेशक जयनारायण झा ने बताया है कि जुझारपुरा सहकारी समिति के संचालक मंडल को चुनने के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है पहले दिन कुदरा बुजुर्ग सहकारी समिति से मुलायम सिंह गुर्जर का एक मात्र पर्चा आने के कारण उनको निर्विरोध संचालक चुन लिया गया कुदरा बुजुर्ग के संचालक पद पिछड़ा वर्ग आरक्षित होने के कारण मुलायम सिंह गुर्जर के विरुद्ध कोई पर्चा न आने के कारण उनको ही संचालक चुना गया कुवंरपुरा सहकारी समिति जो अनुसूचित जाति के वर्ग के आरक्षित है जहां तीन लोगों में जगमोहन लौना नरेन्द्र भदेवरा और अमरसिंह भदेवरा ने अपना अपना नामांकन पत्र दाखिल किया घुसिया सहकारी समिति जो महिला वर्ग के लिए आरक्षित है यहां अखिलेश कुमारी और अवधरानी ने अपने अपने नामांकन सेट जमा किए घमुरी सहकारी समिति से जो महिला वर्ग के लिए आरक्षित है यहां मानबाई बरोदा और कुसमा देवी एक दूसरे के सामने ताल ठोक रही है परेथा सहकारी समिति जो सामान्य है यहां प्रतिष्ठा पूर्ण चुनाव में सत्यप्रकाश और महेंद्र सिंह एक दूसरे सामने चुनाव मैदान में है पचीपुरी सहकारी समिति के सामान्य सीट होने के कारण यहां मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है और संचालक के लिए मूलचंद रिंकेश कुमार और गौरीशंकर आदि ने नामांकन पत्र जमा किये पड़री सहकारी समिति में सामान्य सीट होने के कारण लड़ने वालों की संख्या ज्यादा दिखी यहां पर भी माहौल रोचक दिखा यहां दुर्जन सिंह भदारी राजाराम भदारी संजीव निरंजन पड़री महेंद्र पाल सिंह भदारी राजाभैया उर्फ छोटेराजा पड़री आदि ने अपने अपने नामांकन पत्र जमा किये जुझारपुरा सहकारी समिति के सामान्य सीट पर लाखन सिंह रामनरेश और आशाराम ने अपने नामांकन सेट दाखिल किए सामी सहकारी समिति से जो सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है यहां पर दीपेन्द्र सिंह नितिन प्रताप सिंह और रचना देवी ने अपने अपने नामांकन पत्र भरकर दिए चुनाव अधिकारियों ने बताया बाइस जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी तेईस जनवरी को नामांकन पत्रों की वापसी की जाएगी और उन्तीस जनवरी संचालक मंडल के सदस्यों का चुनाव मतदान होगा और इसके बाद चुने हुए सभी संचालक मंडल अध्यक्ष का चुनाव तीस जनवरी को करेगे फिलहाल इस महत्वपूर्ण चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गयी है और सत्ताधारी भाजपा के नेता काफी सक्रिय हो गए है और प्रयास में है कि अबकी बार पार्टी के ही लोग संचालक मंडल पर कब्जा करे।

 

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