मलासा (कानपुर देहात)। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा वित्तीय पोषित समर्थ योजना के तहत मलासा विकासखंड के ग्राम हैदरपुर स्थित पंचायत भवन सभागार में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को कौशलयुक्त बनाकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव एसोसिएशन (यूपिका) के माध्यम से कराया गया।

प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ, लखनऊ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है। किसी कार्य में दक्षता हासिल कर महिलाएं नौकरी के साथ अपना स्वरोजगार भी शुरू कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। इन योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अपने हुनर का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने महिलाओं को प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर बधाई देते हुए कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवार और समाज के विकास में उनकी भागीदारी भी बढ़ती है।

सक्षम संस्था के मनमोहन मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण पूरा कर प्रमाण पत्र प्राप्त करना उनके आत्मनिर्भरता के सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

कार्यक्रम संयोजक दिनेश गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्यों की जानकारी दी। स्वदेशी जागरण मंच, कानपुर प्रांत के सह संयोजक जन्ममेय सिंह ने संचालन किया। इस अवसर पर अनुरागिनी संस्था के संयोजक श्याम करन प्रजापति सहित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं उपस्थित रहीं। महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान सीखे कौशल को रोजगार और स्वरोजगार में उपयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।

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