उरई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद जालौन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर शिक्षकों की 10 सूत्रीय समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला महामंत्री इलयास मंसूरी ने किया।
पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की ओर से 14 जुलाई 2026 को भी विभाग को शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने से शिक्षकों में असंतोष है। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षिकाओं के बाल्य देखभाल अवकाश (सीसीएल) के आवेदनों का समय से निस्तारण न होने और स्वीकृति में चार-पांच दिन की देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
ज्ञापन में गैर-जनपदों से स्थानांतरित एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का जीपीएफ मंगाकर भुगतान कराने, लंबित वेतन बहाल करने, प्रतिकूल प्रविष्टियों का निस्तारण तथा इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को शासनादेश के अनुसार वेतन देने की मांग की गई। मानव संपदा पोर्टल पर विषयों की गलत प्रविष्टि के कारण सरप्लस सूची में शामिल हो रहे शिक्षकों के नामों को तत्काल संशोधित करने तथा 15 हजार शिक्षक भर्ती बैच की प्रथम वेतनवृद्धि जनवरी 2017 से अनुमन्य करने का भी आग्रह किया गया।
संगठन ने एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के चयन वेतनमान से संबंधित आपत्तियों के पत्र संबंधित शिक्षकों तक पहुंचाने, क्षतिग्रस्त विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल का जीर्णोद्धार कराने और शिक्षण कार्य में व्यवधान रोकने के लिए यू-ट्यूबर्स के अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। शिक्षामित्रों से विकल्प लेकर स्थानांतरण किए जाने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल रहा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव, जिला संगठन मंत्री एडेड संवर्ग विकास कुमार, जिला सदस्यता प्रभारी रियायत बेग, जिला उपाध्यक्ष मुहम्मद अय्यूब, विनय मिश्रा, राघवेंद्र यादव, उमेश कुमार, सारिक अंसारी, अखिलेश रजक, प्रदीप कुमार सिंह, कृष्णगोपाल सिंह, रामराजा जादौन, अमित यादव, दशरथ सिंह पाल, देवीचरण, अरविंद निरंजन, कप्तान सिंह, नवनीत श्रीवास्तव, अवधेश श्रीवास्तव, मनोज निरंजन, शैलेन्द्र कुमार और इन्द्रजीत विश्वकर्मा सहित अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।






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