फिर उठी दिल्ली तक सीधी ट्रेन की मांग

उरई। उरई से सीधे दिल्ली तक ट्रेन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि दिल्ली तक के लिए सीधी ट्रेन नहीं चल सकती है तो कम से कम लिंक ट्रेन ही दे दी जाए। इससे लोगों को सीधे दिल्ली पहुंचने में सहूलियत रहेगी।
झांसी कानपुर रेलवे सेक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में अस्सी फीसदी ट्रेनें मुंबई (महाराष्ट्र) जाती है। इसके अलावा एक रोजाना अहमदाबाद, एक साप्ताहिक ट्रेन वलसाड, एक ट्रेन चेन्नई, एक कोलकाता, एक ट्रेन दक्षिण भारत की ओर जाती है। इसके अलावा एक ट्रेन च्वालियर बरौनी मेल दिल्ली की ओर जाती है लेकिन उसका अंतिम स्टापेज च्वालियर तक ही है। इस ट्रेन को दिल्ली तक बढ़ाने की मांग सालों से यहां के मुसाफिर करते आए है। समय समय पर यहां आने वाले मंडल रेल प्रबंधक झांसी, महाप्रबंधक इलाहाबाद जोन तथा रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग कर चुके है लेकिन रेलवे अधिकारी इसे तकनीकी मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते है।
उधर अब बजट आने वाला है। इसे लेकर दिल्ली तक सीधी ट्रेन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गवर्नमेंट पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी का कहना है कि यदि दिल्ली तक सीधी ट्रेन चलाने या च्वालियर बरौनी मेल को दिल्ली तक बढ़ाने में कोई दिक्कत है तो कम से कम उरई होते हुए छह डिब्बों की लिंक ट्रेन चला दी जाए। किसी ट्रेन में यह छह डिब्बे जोडक़र झांसी या कानपुर पहुंचा दिए जाए। वहां से दिल्ली जाने वाली किसी दूसरी ट्रेन में इन डिब्बों को जोड़ दिया जाए तो यहां के मुसाफिरों के लिए सीधे ट्रेन की व्यवस्था हो जाएगी।
ट्रेन से आए दिन दिल्ली जाने वाले रामशंकर सोनी का कहना है  कि इस लिंक ट्रेन में दो डिब्बे जनरल, दो या तीन स्लीपर क्लास तथा दो डिब्बे एसी के जोड़ दिए जाए तो यहां के लोगों को काफी राहत मिल सकती है। साथ ही रेलवे की आय में भी इजाफा होगा।

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