स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मलकपुरा की शालिनी देवी बनीं आत्मनिर्भर
उरई। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर जालौन विकासखंड के ग्राम पंचायत मलकपुरा की शालिनी देवी ने स्वरोजगार की राह अपनाते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। 45 हजार रुपये के ऋण से शुरू किया गया उनका वाटर आरओ प्लांट अब करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय का जरिया बन गया है।
शालिनी देवी जय भीम महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, जिसका गठन 1 जुलाई 2021 को हुआ था। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बचत, बैठकों और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद उन्होंने परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग के साथ स्वयं की आय का साधन विकसित करने का निर्णय लिया।
इसी क्रम में फरवरी 2026 में उन्होंने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 45 हजार रुपये का ऋण लेकर वाटर आरओ प्लांट शुरू किया। सीमित पूंजी से शुरू किए गए इस छोटे उद्यम को उन्होंने मेहनत और निरंतर प्रयासों से आगे बढ़ाया। वर्तमान में आरओ प्लांट से उन्हें लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी हो रही है।
इस आय से शालिनी देवी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रही हैं। उनके अनुसार स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से उन्हें न केवल आर्थिक मदद मिली, बल्कि अपने स्तर पर निर्णय लेने और रोजगार शुरू करने का आत्मविश्वास भी मिला।
शालिनी देवी की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए इस मायने में महत्वपूर्ण है कि समूह आधारित बचत, ऋण सुविधा और उचित मार्गदर्शन के जरिए सीमित संसाधनों में भी स्वरोजगार शुरू किया जा सकता है। वह अब स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
45 हजार रुपये के ऋण से शुरू हुआ छोटा-सा प्रयास आज 15 हजार रुपये मासिक आय का आधार बन चुका है। शालिनी देवी की यह सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण है।







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