कुंभ ड्यूटी के 49 हजार रुपये के टीए के लिए सवा साल से चक्कर काट रहा था सेवानिवृत्त कर्मचारी, डीएम ने बाबू को तलब कर कराया पैसा वापस
उरई। स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ कुंभ मेले की ड्यूटी के टीए भुगतान के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला बुधवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के जनता दरबार में खुल गया। करीब सवा साल से अपने 49 हजार रुपये के टीए भुगतान के लिए बनारस से उरई के चक्कर काट रहे कर्मचारी की फरियाद सुनकर डीएम ने संबंधित बाबू को तत्काल अपने सामने तलब कर लिया। पूछताछ में पहले बाबू ने रिश्वत लेने से इनकार किया, लेकिन डीएम की सख्ती के बाद उसे 16 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार करनी पड़ी। डीएम ने तत्काल पीड़ित कर्मचारी को उसके 16 हजार रुपये वापस कराए।
बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के उक्त कर्मचारी की कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी के एवज में उसे करीब 49 हजार रुपये टीए के रूप में मिलना था। इसी बीच वह सेवानिवृत्त हो गया। टीए भुगतान के लिए जब उसने सीएमओ कार्यालय में संपर्क किया तो संबंधित पटल के बाबू ने भुगतान कराने के नाम पर उससे कथित रूप से 16 हजार रुपये पहले ही ऐंठ लिए। इसके बावजूद उसका टीए भुगतान नहीं हुआ।
इसके बाद कर्मचारी करीब सवा साल तक बनारस से उरई आकर सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। आने-जाने में उसका काफी पैसा और समय खर्च हुआ, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आखिरकार परेशान होकर उसने जिलाधिकारी के जनता दरबार में अपनी शिकायत रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने पहले संबंधित बाबू को अपने सामने बुलाया और पूछताछ की। इसके बाद अपर जिलाधिकारी राजीव राज को तत्काल सीएमओ कार्यालय भेजकर संबंधित पटल की जांच के निर्देश दिए। एडीएम ने पटल पर लंबित टीए प्रकरणों की पड़ताल शुरू की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य कर्मचारियों के भुगतान भी इसी तरह रोके तो नहीं गए हैं।
जांच के दौरान डीएम ने संबंधित बाबू को अपने पास ही बैठाए रखा, ताकि वह कार्यालय में किसी तरह की गड़बड़ी न कर सके। साथ ही सीएमओ को पीड़ित कर्मचारी का टीए भुगतान आज ही कराने के निर्देश दिए।
डीएम की इस कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रिश्वत की रकम वापस कर देने मात्र से संबंधित बाबू को बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






Leave a comment