उरई। बस स्टैण्ड के पास रखा विद्युत ट्रांसफार्मर लोगों के लिए जान-जोखिम का खतरा बना हुआ है। यहां से गुजरने वाले लोग और आसपास खड़े होने वाले ठिलिया दुकानदार इसके कारण हमेशा सहमे से रहते हैं।
विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित ढंग से स्थापित करने के लिए विभाग में बजट की पर्याप्त व्यवस्था है। फिर भी इंजीनियर ट्रांसफार्मर निरापद ढंग से रखवाने की परवाह नही करते। ऊंचा प्लेटफार्म बनाकर ट्रांसफार्मर रखने और उसे जाली से घेरकर महफूज कर देने की कोई व्यवस्था इसका सामान चोर बाजार में बेच आने के कारण विभाग नही कर पा रहा।
इस रवैये के कारण देहातों में ट्रांसफार्मर किस स्थिति में रखे होगें इसकी कल्पना की जा सकती है जब शहरों के व्यस्ततम क्षेत्रों में भी सरेआम हादसों को निमंत्रण देते हुए ट्रांसफार्मर रखवाने में गुरेज नही किया जा रहा।
कोंच बस स्टैण्ड के पास रखा ट्रांसफार्मर इसकी गवाही देता है। जिसमें तार नीचे झूलते रहते हैं नतीजतन कोई भी उन तारों में उलझकर अनहोनी का शिकार हो सकता है। ट्रांसफार्मर के पास ही कूड़ा और खानेपीने की दुकानों की गंदगी डाली जाती है। इसलिए जानवर मुंह मारने को ट्रांसफार्मर के नजदीक आ जाते हैं। कई बार यह ट्रांसफार्मर बेजुवानों की जान ले चुका है। जिसके बाद फाल्ट होने से लोगों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ गई। किसी दिन लोगों के साथ भी हादसा हो सकता है जो असावधानी में ट्रांसफार्मर के नजदीक से गुजरने की हिमाकत कर डालते हैं। इसके बावजूद भी बिजली विभाग गौर नही कर रहा। वैसे भी इस विभाग की शोहरत हत्यारे विभाग के रूप में बन चुकी है। क्योंकि कई बार सड़क हादसों और वारदातों में जितनी मौतें नही होती उससे ज्यादा मौते विद्युत अव्यवस्था के कारण हो जाती हैं। क्या बस स्टैण्ड के पास ट्रांसफार्मर को सुरक्षित ढंग से रखवाने के पहले बिजली विभाग को किसी जनहानि वाले हादसे का ही इंतजार है।







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