उरई। रेलवे बोर्ड किराया बढ़ाने में जितना तत्पर है यात्रियों की सुविधा की परवाह करने में उतना ही फिसडडी। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पूंछतांछ केंद्र की हालत इसकी गवाही देती है।
रेलवे के मंडलीय प्रबंधक समय-समय पर स्थानीय स्टेशन के दौरे पर आते रहे हैं। हर बार उनसे पूंछतांछ केंद्र के सुचारू संचालन की मांग रखी गई लेकिन आज तक यह व्यवस्था कायम नही हो सकी है।
कहने को तो प्लेटफार्म के बाहर पूंछतांछ केंद्र की विंडो बना दी गई है लेकिन उसमें तैनात कर्मचारी हमेशा नदारत मिलता है। इसलिए यात्री परेशान रहते हैं। जालौन टाइम्स की टीम जब इसका जायजा लेने पहुंची तो उसे भी पूंछतांछ केंद्र की लावारिस हालत के दीदार का मौका मिल गया।
पूंछतांछ केंद्र में एक बोर्ड रखा था जिस पर गाड़ियों के आने-जाने का समय लिखा था। लेकिन यात्रियों की अन्य जिज्ञासाये भी थी। उन्हें बताने वाला कोई नही था क्योंकि पूंछतांछ केंद्र के कर्मचारी महोदय नदारत थे। जालौन टाइम्स की टीम के सामने कई बेहाल यात्री अपना रोना सुनाने लगे।
बाद में जब जालौन टाइम्स की टीम ने स्टेशन अधीक्षक एपी वर्मा से संपर्क कर पूंछा कि पूंछतांछ केंद्र में यात्रियों के सवालों का जबाव देने के लिए कोई क्यों नही बैठाया जा रहा तो उनका कहना था कि जिस कर्मचारी की डयूटी है वह कही आसपास चला गया होगा। जाहिर है कि स्टेशन अधीक्षक समझते हैं कि उनके कर्मचारी पिकनिक मनाने आते हैं डयूटी करने नही। अगर डयूटी करने की बात होती तो पूंछतांछ केंद्र के कर्मचारी की अनुपस्थिति पर वे इस मासूम जबाव को देने की बजाय उसके खिलाफ एक्शन के लिए कलम चलाने की जहमत उठाते।

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