उरई (जालौन)। नगर में संचालित ई-रिक्शों का संचालन किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जायेगा। एआरटीओ प्रवर्तन से बातचीत के बाद संचालित सभी ई-रिक्शों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराकर उन्हें बैधता के दायरे में लाया जायेगा। उक्त बात उरई नगर पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा ने मोबाइल पर हुई बातचीत के दौरान कही।
गौरतलब हो कि पिछले सप्ताह भर से एआरटीओ व पुलिस अधिकारियों द्वारा अचानक नगर में संचालित ई-रिक्शा चालकों की धरपकड़ का अभियान चलाकर आधा सैकड़ा ई-रिक्शों को कोतवाली में खड़ा करवा दिया था। इसी के साथ ई-रिक्शा का संचालन कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले चालकों में आक्रोश गहराने लगा था। इस बीच ई-रिक्शा चालकों ने अनेकों नेताओं से संपर्क कर अपनी परेशानियों को रखा और न्याय की गुहार लगायी थी। इसी क्रम में शुक्रवार को भारी संख्या में ई-रिक्शा चालक पालिकाध्यक्ष उरई अनिल बहुगुणा से मिलने पहुंचे जहां पर उन्होंने पालिकाध्यक्ष को परेशानियों से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने एआरटीओ से इस संबंध में बात की। एआरटीओ ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में संचालित ई-रिक्शों का रजिस्ट्रेशन कराया जाना हैं इस पर पालिकाध्यक्ष ने सवाल किया कि इससे पहले ई-रिक्शों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिये विभाग द्वारा प्रचार प्रसार कराना चाहिये था। जो विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गयी फिर अचानक से नगर के लोगों के लिये लाइफ लाइन बने ई-रिक्शों की धरपकड़ का अभियान शुरू कर दिया। जिससे एक हजार के लगभग ई-रिक्शा चालकों के परिजनों को भुखमरी के मुहाने पर ले गया। नगर में संचालित ई-रिक्शा चालकों की धरपकड़ के संबंध में जब शुक्रवार रात पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा से बातचीत की तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह से नगर में संचालित ई-रिक्शा चालकों को बेरोजगार नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी एआरटीओ से बातचीत के कहा कि वह नगर में संचालित सभी ई-रिक्शों का रजिस्ट्रेशन करें लेकिन इस बीच किसी भी ई-रिक्शा चालक का उत्पीड़न न किया जायेगा। क्योंकि दिन भर नगरवासियों को उनके आवासों के बाहर से ले जाकर उनको गंतव्य स्थान पर पहुंचाने काम ई-रिक्शा चालक मामूली किराया लेकर करते हैं।








Leave a comment