कालपी(जालौन)। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी के नीचे सरकारी भूमि पर होलिका दहन की जगह पर दबंगों द्वारा कब्जा की गई भूमि को प्रशासन द्वारा खाली कराकर प्रशासन ने सराहनीय कार्य किया है। लेकिन कालपी नगर में सैकड़ों जगह में हुए कब्जों को प्रशासन कब खाली करायेगा। नगर के बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों के दिलों में यह सवाल हमेशा कौधता रहता है।
   सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी की वाउंड्री के नीचे कुछ सिरफिरे लोगों द्वारा जहां मरीजों की गाड़ी खड़ी होने का स्थान था वहीं पर दशकों से होलिका दहन भी होता आ रही है। उक्त बेशकीमती भूमि पर कब्जा करके व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था और उक्त व्यवसाय के साथ एकत्र लोगों के कारण महिला मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसके बाद भी कालपी सीएचसी के तथाकथित चिकित्सकों का भूमाफियाओं से दोस्तानाा चल रहा था। उक्त गंभीर प्रकरण के मामले में नगर के वरिष्ठ समाजसेवी शिवकुमार तिवारी उर्फ कुन्नू महाराज द्वारा जिलाधिकारी जालौन डा. मन्नान अख्तर के कालपी तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा गया था कि उक्त भूमि को खाली कराया जाए क्योंकि तथाकथित लोग मरीजों से अश्लील हरकते अक्सर करते है।
   उक्त प्रकरण की जांच जिलाधिकारी द्वारा प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मुलायम सिंह को सौपी गई लेकिन डा. मुलायम सिंह ने भूमाफियाओं के मोह में जांच से पिंड छुड़ाते हुए क्या लिखकर इतिश्री कर दी कि उक्त भूमि स्वास्थ्य विभाग की नही है। जबकि सिरफिरे लोग डा. मुलायम सिंह से अक्सर गलवहिया डाले देखे जाते है। यह बात नगर में आम चर्चा का विषय है। मौके की गंभीरता को लेकर समाजसेवी कुन्नू महाराज पुनः जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर से मिले और मामले की जानकारी से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देशा स्थानीय प्रशासन को देकर सरकारी भूमि को जब खाली कराने के निर्देश दिए तो भूमाफियाओं के तोते उड़ते नजर आये लेकिन एक साजिश के तहत तथाकथित लोगों ने रातोरात कब्जे वाली सरकारी भूमि पर पं. दीनदयाल उद्यान का बैनर लगाकर स्थानीय प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन उपजिलाधिकारी कालपी सतीश चंद्र एवं सीओ सुबोध गौतम तथा कोतवाल संजय गुप्ता, ईओ नगर पालिका परिषर सुशील कुमार व एंटी भूमाफिया टीम ने अवैध कब्जे ढहा कर सरकारी तथा होलिका दहन की भूमि को मुक्त कराकर सराहनीय कार्य किया है। जिसकी नगर में प्रशंसा की जा रही है। क्योंकि भूमाफिया अपने आपको स्थानीय प्रशासन के अपर बताकर नगर में रौब गालिब करते थे।
   नगर के समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों का कहना है कि विश्व के दोयम दर्ज के पवित्र और धार्मिक नगर कालपी का भूमाफियाओं, अवैध कब्जा करने वालों ने अतिक्रमण करके भूगोल बदल डाला है और यदि स्थानीय प्रशासन उत्तर प्रदेश सरकार के कब्जा मुक्त कराओ अभियान का नगर में अक्षरक्षः पालन कर दे ंतो नगर की स्वच्छता दोबारा कायम हो सकती है और अतिक्रमण की चपेट के कारण आये दिन हो रहे सनसनीखेज एक्सीडेंटों पर रोक लग सकती है। चर्चा तो यहां तक है कि नगर में फुलपावर चौराहा अतिक्रमण का केन्द्र बिंदु बन चुका है। जिसे नगर के बुद्धिजीवी एक्सीडेंटों की जननी करने लगे है और जब तक यहां जेसीबी नही गरजती तो नगर का भला नही हो सकता। नगर के समाजसेवियों के एक तबका अतिशीघ्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से जनसुनवाई के तहत शीघ्र ही मिलने के प्रयास में है। 

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