उरई। कदौरा में सपा के ब्लाक प्रमुख को अविश्वास प्रस्ताव में जीवनदान मिल गया। कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव के लिए बुलाई गई बैठक आयोजित नही हो पाई। जिससे मत विभाजन की नौबत ही नही आई और प्रस्ताव निरस्त हो गया।
कदौरा के ब्लाक प्रमुख विजय निस्बा के खिलाफ गत दिनों जिला मजिस्ट्रेट को 63 क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित अविश्वास प्रस्ताव सौंपा गया था। जिस पर जिला मजिस्ट्रेट ने 15 फरवरी मत विभाजन की तारीख तय कर दी थी।
लेकिन आज जब मत विभाजन होना था तो कालपी के उपजिलाधिकारी के पहुंच जाने के बाद 91 सदस्यीय क्षेत्र पंचायत के सदन में वांछित 46 से कम सदस्य पहुंचे। कोरम लायक सदस्य न पहुंच पाने पर उपजिलाधिकारी ने बैठक निरस्त कर दी।
बाद में भाजपा नेताओं का एक दल क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ जिला मजिस्ट्रेट से मिलने मुख्यालय पर आया लेकिन जिला मजिस्ट्रेट के मौजूद न होने से उसे बैरंग लौटना पड़ा। इस दल में शामिल प्रमुख भाजपा नेता भारत सिंह यादव आजाद ने आरोप लगाया कि सपा के लोगों की गुंडागर्दी की वजह से क्षेत्र पंचायत सदस्य बैठक में भाग नही ले सके। इसलिए भय मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित कर जिला मजिस्ट्रेट को नये सिरे से अविश्वास प्रस्ताव की बैठक तय करनी चाहिए।






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